मतगणना से पहले गरमाया EVM की सुरक्षा का मुद्दा, कांग्रेस के निशाने पर कलेक्टर

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भोपाल। राजधानी में स्ट्रांग रूमें रखी ईवीएम की निगरनी के दौरान बाहर लगी एलईडी के कुछ देर के लिए बंद होने पर राजनीति तेज हो गई है। दिन भर कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया। कांग्रेस का आरोप है कि एलईडी बंद होने के पीछे भाजपा का हाथ है। कांग्रेस ने एलईडी लगाने वाले ठेकेदार के बयान का हवाला देते हुए कहा कि कलेक्टर के कहने पर एलईडी को बंद किया गया था। हालांकि, जिला नर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर सुदाम खाड़े ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। 

 शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर पुरानी जेल पहुंचे जहां उन्होंने स्ट्रंग रूम में रखी ईवीएम मशीनोंं का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि स्ट्रांग रूम में लाइट शार्ट सर्किट होने से बंद हुई थी। गड़बड़ी जैसा कुछ नहीं हुआ है। जो भी आरोप हैं वह गलत हैं। हम प्रत्याशियोंं को पास भी उपलब्ध करवा रहे हैं। जिससे वह स्वयं दिन में एक बार अंदर भी जाकर व्यवस्था देख सकते हैं। 

वहीं, कांग्रेस ने कहा कि एलईडी ठेकेदार का बयान है कि कलेक्टर के कहने पर एलईडी बंद की गईं थी। कांग्रेस प्रवक्त पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि भाजपा किसी भी हद तक जाकर गड़बड़ी कर सकती है। उन्होंने कहा कि हम चुनाव आयोग से मांग करते हैं कि जितने देर एलईडी बंद रही उसकी जांच की जाए। भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने भी पलटवार करते हुए कहा कि ईवीएम मशीन भाजपा कार्यलय में नहीं रखी हैं न ही भाजपा कार्यलय में मतगणना होना है। यह कांग्रेस की हार की खिसियाहट है जो वह हार की ठीकरा ईवीएम पर पहले से फोड़ने लगी है। कांग्रेस खुद इस तरह के स्वांग रचती है। कांग्रेस का आरोप है कि  जिला निर्वाचन अधिकारी पूर्व में सीहोर कलेक्टर रह चुके हैं और वर्तमान में भोपाल के कलेक्टर हैं जो सत्ताधारी दल के मुखिया से अच्छे संबंध हैं।