इस सीट पर महिला उम्मीदवार आमने सामने, बीजेपी को भितरघार का खतरा

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भोपाल। मध्य प्रदेश की शहडोल सीट अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवार के लिए आरक्षित है। यहां से इस बार कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही दलों ने महीला उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। इस सीट ऐसा पहली बार है कि दो महिला प्रत्याशी आमने सामने हैं और दोनों ही दलबदलू उम्मीदवार हैं। बीजेपी की ओर से हिमाद्री सिंह और कांग्रेस ने प्रमिला सिंह को टिकट दिया है। यहां कांग्रेस प्रत्याशी कमजोर स्थिति में दिखाई दे रही हैं। वहीं, बीजेपी के इस सीट पर भितरघात का खतरा भी बना है। 

दरअसल, सहडोल सीट पर इस बार वर्तमान सांसद ज्ञान सिंह का टिकट काट दिया गया है। उनकी जगह पार्टी ने कांग्रेस ने बीजेपी में शामिल हुई हिमाद्री सिंह को उम्मीदवार बनाया है। ज्ञान सिंह इस बात से पार्टी से खफा हैं। उन्होंने उप चुनाव में हिमाद्री को हराया था। उस समय हिमाद्री कांग्रेस की उम्मीदवार थीं। लेकिन अब वह बीजेपी में शामिल होकर कांग्रेस को चुनौती दे रही हैं। कांग्रेस और भाजपा के अलावा यहां से निर्दलीय, सोशलिस्ट, लोकदल, बसपा और जनता दल के प्रत्याशी भी चुनाव जीत चुके हैं। यहां से चार बार भाजपा तो छह बार कांग्रेस जीत दर्ज कर चुकी है।  

दोनों उम्मीदवार दलबदलू

इस बार खास बात यह है कि यहां दोनों ही प्रत्याशी दलबदलू हैं। प्रमिला सिंह बीजेपी से कांग्रेस में शामिल हुईं हैं और हिमाद्री सिंह कांग्रेस से बीजेपी में। हिमाद्री इस सीट पर 2016 में हुए उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर यहां से चुनाव लड़ी थीं। ऐसे में दोनों महिलाओं के बीच रोचक मुकाबला होने की उम्मीद की जा रही है। 

कौन हैं कांग्रेस उम्मीदवार प्रमिला

कांग्रेस प्रत्याशी प्रमिला सिंह पूर्व में जयसिंह नगर से विधायक रही हैं। उन्होंने 2013 चुनाव में कांग्रेस के ध्यान सिंह को हराया था। लेकिन 2018 में हुए विधानसभा चुनाव मे बीजेपी ने उनका टिकट काट दिया। जिससे नारा हो कर वह कांग्रेस में शामिल हो गईं। प्रमिला सिंह सागर संभाग के कमिश्नर अमरपाल सिंह की पत्नी हैं।

हिमाद्री के पति सास से हारे थे चुनाव

हिमाद्रि सिंह कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर शहडोल से लोकसभा का उपचुनाव लड़ चुकी हैं। हिमाद्रि ने सितंबर, 2017 में उनकी शादी भाजपा नेता नरेंद्र मरावी से हुई। हिमाद्रि ने विवाह के समय कहा था कि कुछ भी हो जाए, कांग्रेस नहीं छोड़ेंगी, राजनीति कभी भी वैवाहिक जिंदगी के बीच नहीं आएगी। हिमाद्रि के पिता दलवीर सिंह कांग्रेस से सांसद रहते हुए दो बार केंद्र सरकार में मंत्री रहे तो उनकी मां राजेश नंदिनी दो बार कांग्रेस की सांसद रह चुकी हैं। हिमाद्रि के पति नरेंद्र ने वर्ष 2009 में राजेश नंदिनी के खिलाफ शहडोल संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, जिसमें वे हार गए थे।