कांग्रेस को भय- कौन से गुट से विधायक टूटकर BJP में चला जाए

भोपाल।
कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा दिल्ली में बैठकर एमपी के भाजपा नेताओं पर खरीद-फरोख्त के आरोप लगाने के बाद बयानबाजी का दौर तेजी से चल पड़ा है।आरोपों पर बीजेपी जमकर पलटवार कर रही है।अब नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव का बड़ा बयान सामने आया है। भार्गव का कहना है कि कांग्रेस को भय है कि पता नहीं उनके कौन से गुट से विधायक टूटकर भाजपा में चला जाए। वे आरोप नहीं लगाएं इसका सबूत पेश करे। दिग्विजय सिंह सभी विधायकों को सामने लेकर आएं ओर बताए कि वें कौन से विधायक हैं जिनसे संपर्क होने की वो बात कह रहे है। राज्यसभा चुनाव से पहले दिग्विजय के बयान ने सियासी गलियारों में तहलका मचा कर रख दिया है। बीजेपी के साथ साथ कांग्रेस मे भी खलबली मची हुई है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कभी भी विधायकों की खरीद-फरोख्त की परंपरा न रही है और न आगे रहेगी। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भाजपा पर कांग्रेस विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस में इतने सारे गुट हैं कि उनके अंदर ही जमकर असंतोष है। कांग्रेस में कबीलाई संस्कृति हावी है। कांग्रेस को भय है कि पता नहीं उनके कौन से गुट से विधायक टूटकर भाजपा में चला जाए।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जिस प्रकार के आरोप लगा रहे हैं उनका कोई आधार भी वे पेश करें। भाजपा का हर एक विधायक मजबूत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने विधायकों पर भरोसा नहीं है, लेकिन हम मजबूती के साथ खड़े हुए हैं और सरकार को आईना दिखाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह राज्यसभा के लिए अपने आला नेताओं पर दबाव बनाना चाहते है और इसीलिए वह सनसनी फैलाने वाले बयान दे रहे है।

दिग्विजय ने लगाए थे आरोप
इससे पहले सोमवार को दिग्विजय सिंह ने भाजपा और शिवराज सिंह चौहान पर आरोप लगाते हुए कहा था। बीजेपी जब से विपक्ष में आई है, उसके बाद से ही नरोत्तम मिश्रा और शिवराज सिंह चौहान खुलेआम कांग्रेस विधायकों को तोड़ने में लगे हैं। वे हमारे विधायकों को खरीदने के लिए 25-30 करोड़ रुपये का ऑफर दे रहे हैं। इस राशि का भुगतान तीन किश्तों में होगा। पहली किश्त राज्यसभा चुनाव से पहले, दूसरी किश्त राज्यसभा चुनाव के बाद और तीसरी किश्त सरकार गिराने के बाद विधायकों को दिए जाएंगे। कई विधायकों से इसके लिए अप्रोच किया गया है।