तीन दशक से कांग्रेस को मिल रही यहां शिकस्त, इस बार हारे हुए पर लगाया दांव

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भोपाल/विदिशा। 

मध्य प्रदेश का गढ़ कहे जाने वाली विदिशा सीट पर इस बार कांग्रेस ने हारे हुए प्रत्याशी पर दांव लगाया है। कांग्रेस ने विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र से शैलेंद्र पटेल को उम्मीदवार घोषित किया है। 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें बीजेपी के  करण सिंह वर्मा ने 15869 मतों से हराया था। वह पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। 

विदिशा संसदीय सीट पर बीजेपी ने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। इस क्षेत्र में हिंदू महासभा जनसंघ और भाजपा का गढ़ रहा है। यहां सिर्फ 1980 और 1984 के चुनाव में कांग्रेस लगातार दो बार जीती है और साल 1989 से लगातार भाजपा जीत रही है। इनमें पूर्व सीएम शिवराज सिंह 5 बार और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज लगातार दो बार चुनाव जीती जीत चुकी हैं। हालांकि इस बार बीजेपी ने अब तक मध्यप्रदेश की कुछ सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान नहीं किया है। लिहाजा पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि 1 से 2 दिन में प्रत्याशियों का ऐलान हो जाएगा। वहीं शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा चुनाव लड़ने के कयासों को खारिज करते हुए कहा है कि, ‘मैं चुनाव नहीं लड़ना चाहता हूं, लेकिन आगे पार्टी जो आदेश करेगी, वहीं किया जाएगा’। गौरतलब है कि ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि बीजेपी इस सीट पर शिवराज को उम्मीदवार बना सकती है। हालांकि, ये सिर्फ अबतक अटकलें हैं।