कांग्रेस नेत्री कल्पना परुलेकर का निधन, लंबे समय चल रही थी बीमार

Congress-leader-kalpna-Parulekar-passed-away

भोपाल।

उज्जैन के महिदपुर से विधायक रह चुकी कल्पना परूलेकर का बुधवार सुबह निधन हो गया है। वे कई दिनों से बीमार चल रही थी,  जिसके चलते बीते दिनों ही उन्हें इंदौर के मेदांता अस्पताल में भर्ती करवाया गया था,  मल्टी आर्गन फैल्युअर होने के कारण उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।  उन्होंने आज प्रातः 9.30 बजे अंतिम सांस ली। कांग्रेस नेता परुलेकर कमलनाथ समर्थक मानी जाती थी और कांग्रेस की तेजतर्रार नेताओं में से एक थीं। उनके निधन के बाद से ही कांग्रेस में शोक की लहर है।आज शाम महिदपुर में ही उनका अंतिम संस्कार होगा।

कल्पना पहले भी बीमारी की वजह से वहां भर्ती रही थीं। अस्पताल के सीएमओ डॉ. संजीव गीत ने बताया कि 18 दिसंबर को उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें भर्ती किया गया। मल्टी ऑर्गन फैल्युअर होने के कारण अभी उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है।सोमवार को उनका डायलीसिस भी हुआ था।पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय भी उनसे मिलने पहुंचे थे। 

दिग्विजय को बताया था मिस्टर बंटाधार

बीते दिनों ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बयान मेरे भाषण से कांग्रेस के वोट कट जाते हैं पर हमला बोला था । राजधानी भोपाल में पीसीसी दफ्तर में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कल्पना ने कहा था कि यह बात सही है कि दिग्विजय सिंह मिस्टर बंटाधार हैं और उन्होंने प्रदेश में कांग्रेस का बंटाधार किया है। दिग्विजय ने सही कहा है कि उनके भाषण और प्रचार से कांग्रेस के वोट कटेंगे। इसके बाद खूब बवाल भी मचा था।

जब भुगतनी पड़ी थी एक साल जेल की सजा

पिछले साल 17 अप्रैल को भोपाल की जिला अदालत ने पूर्व विधायक कल्पना परुलेकर को एक साल की जेल और दो हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई थी। कल्पना ने तत्कालीन प्रमुख सचिव भगवानदेव इसरानी की नियुक्ति पर सवाल उठाए थे। इस मामले में तत्कालीन विधानसभा सचिव भगवान देव इसरानी ने मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। इससे पहले भी कल्पना परुलेकर जेल जा चुकी हैं। तब उन्होंने लोकायुक्त नावलेकर को संघ प्रमुख के गणवेश में दिखाते हुए एक फोटो जारी किया था। उस समय वे विधायक थी।

जमानत पर चल रही थी बाहर

वर्ष 2011 में विधानसभा के सत्र के दौरान मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने परुलेकर पर छेड़छाड़ कर नावलेकर की फोटो बनाए जाने के आरोप लगाए थे। नरोत्तम ने अध्यक्ष को यह बताया था कि परुलेकर ने मीडिया को लोकायुक्त की एक फोटो उपलब्ध कराई, जिसमें नावलेकर को RSS के गणवेश में दिखाया गया था। नरोत्तम ने दावा किया था कि असल में यह फोटो आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की थी, उसी में काट-छांट करते हुए नावलेकर का चेहरा फिट कर दिया गया था। इस मामले में भी परुलेकर को सजा हो चुकी है और वे जमानत पर बाहर हैं।