Congress-party-will-start-Kisan-Vijay-Rath-Yatra'-in-Madhya-Pradesh

भोपाल। कांग्रेस के लिए संजीवनी बनी कर्जमाफी की घोषणा के बाद अब कमलनाथ की पूरी टीम मैदान में उतरने वाली है| 15 जनवरी को एक साथ पूरी सरकार, विधायक और पार्टी पदाधिकारी किसानों के फार्म भरवाने की शुरुआत करेंगे। इसके जरिये कमलनाथ सरकार की ब्रांडिंग का भी इरादा है| वहीं लोकसभा चुनाव में कर्जमाफी को भुनाने के लिए कांग्रेस किसान विजय रथ यात्रा निकालने जा रही है। जिसमें कांग्रेस अपने कर्जमाफी का वादा करने की पूरी हकीकत बताएगी। 23 जनवरी से शुरू होने वाली यह यात्रा 41 दिन तक चलेगी और इस यात्रा की शुरुआत प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से होगा। ये यात्रा विदिशा होते हुए ग्वालियर, चंबल, बुंदेलखंड जाएगी। वहीं महाकौशल, विंध्य, निमाड़ से मालवा भी ये यात्रा जाएगी और 5 मार्च को मनासा में यात्रा का समापन होगा।

चुनाव में किसानों के लिए कर्जमाफी का वचन देकर सत्ता में आई कांग्रेस सबसे पहले इस वचन को पूरा करने में जुट गई| अब पार्टी कर्ज माफी का सियासी लाभ लेने की तैयारी में हैं। कर्जमाफी को लेकर सीएम कमलनाथ की ब्रांडिंग करने की योजना बनाई गई है। जिसके तहत कांग्रेस 23 जनवरी से किसान विजय रथ यात्रा निकाली जा रही है| इस यात्रा के दौरान कांग्रेस किसानों के बीच पहुंचकर किसानों को बताएगी सरकार ने जो वादा किया था उसे पूरा किया और आगे भी सरकार किसानों के हित में काम करेगी।

वहीं मुख्यमंत्री कमलनाथ 15 जनवरी को भोपाल में योजना के तहत किसानों के फार्म भरवाने की शुरूआत करेंगे। लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी किसानों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है| कमलनाथ सरकार की कर्जमाफी की घोषणा की कमियों को लेकर बीजेपी हमला बोल रही है| इसी के चलते सरकार ने 12 दिसम्बर 2018  तक कर्जमाफी का एलान किया है| ताकि इस घोषणा पर कोई सवाल न उठे| अब बीजेपी की रणनीति को बिफल करने के लिए सरकार मैदान में उतरेगी|  

आचार संहिता से पहले मिले किसानों को लाभ 

कर्जमाफी की घोषणा पर आचार संहिता का ग्रहण लग सकता है। राज्य सरकार ने पात्र किसानों की तलाश के लिए 22 फरवरी तक का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि 21 फरवरी को पात्र किसानों की संख्या के हिसाब से जिलों में फंड ट्रांसफर होगा और 22 फरवरी से खातों में पैसा जाना शुरू हो जाएगा। सूत्रों का कहना है कि योजना को लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के पहले पंचायत स्तर पर पहुंचाने की रणनीति बनाई गई है। इस काम में सरकारी तंत्र के साथ पार्टी भी जुटेगी।