लोकसभा चुनाव: एमपी में कांग्रेस ने सेट किया सीटोंं का टारगेट, सिंधिया ने दिल्ली में की बैठक

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भोपाल। लोकसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने कमर कसनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में लोकसभा सीट जीतने का टारगेट भी सेट कर लिया है। प्रदेश में कांग्रेस 22 सीटों पर जीतने की तैयारी कर रही है। गुना-शिवपुरी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिल्ली में अपने समर्थकों के साथ बैठक कर इस बारे में चर्चा की। उन्होंने समर्थकों को आश्वासन दिलाया है कि इस बार प्रदेश से करीब 22 सीटें जीतना हैं। इसके लिए तैयारी शुरू करदी जाए। उन्होंने चुनाव प्रबंधन के लिए वोटिंग लिस्ट के अनुसार हर एक पेज के लिए दो प्रभारी बनाए हैं। जिससे ज्यादा से ज्यादा वोटरों तक पहुंचा जा सके और कांग्रेस के पक्ष में माहौल तैयार किया जा सके। 

दरअसल, मार्च के पहले हफ्त में आचार संहिता लागू होने की आशंका है। राजनीतिक दलों ने चुनावी मैनेजमेंट और कार्यकर्ताओं की जीत की टिप्स देना शुरू कर दिया है। बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के फार्मूले पन्ना प्रभारी से आगे बढ़कर कांग्रेस ने अर्ध पन्ना प्रभारी की नियुक्ति की गई है। लोकसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर ज्योतिराज सिंधिया ने 10 जनवरी को दिल्ली में अपने समर्थकों की एक बैठक बुलाई थी। इस बैठक में सिंधिया के करीब 40 से 50 समर्थित नेता शामिल हुए थे। ये बैठक लोकसभा चुनाव की रणनीति की तैयारियों के लिए बुलाई गई थी। बैठक में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने संसदीय क्षेत्र गुना शिवपुरी के लिए बूथ मैनेजमेंट की रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने लोकसभा चुनाव के लिए 90 दिन की कार्ययोजना बनाने के साथ हर बूथ के लिए अर्ध पन्ना प्रभारी नियुक्त किया है। वोटर लिस्ट के एक पन्ना के दो प्रभारी होंगे,जो एक पन्ना पर बताए गए मतदाताओं को फोकस करेंगे और कांग्रेस और ज्योतिरादित्य सिंधिया के पक्ष में वोटिंग के लिए लोगों को प्रेरित करेंगे।

गौरतलब है कि एमपी में 29 लोकसभा सीटें हैं। इनमें से बीजेपी के पास 26 और कांग्रेस के पास 3 सीटें हैं। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया था। कांग्रेस के दिग्गज चुनाव हारे थे। 2009 के आम चुनाव में कांग्रेस के पास 12 , बीजेपी के पास 16  और बीएसपी के पास एक सीट थी। लेकिन मोदी लहर में बीजेपी ने कांग्रेस का सफाया कर दिया और 29  में से 28 सीटों पर जीत हासिल की। बाद में एक झाबुआ लोकसभा सीट पर उपचुनाव में कांग्रेस को जीत मिली थी। इस सीट से कांतिलाल भूरिया चुनाव जीते थे।