शीतकालीन सत्र में अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएगी कांग्रेस, सरकार के खिलाफ आरोप पत्र विधानसभा में रखा जाएगा

Winter Session Congress No Confidence Motion : प्रदेश में सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस पार्टी शिवराज सिंह चौहान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएगी। पूर्व मुख्यमंत्री एवं मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ के आवास पर आयोजित कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया।

बैठक में लिया फैसला 
बैठक को संबोधित करते हुए कमलनाथ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार हर मोर्चे पर विफल हो गई है और यह जनता के बीच विश्वास खो चुकी है। इन परिस्थितियों में कांग्रेस विधायक विधानसभा के शीतकालीन सत्र में अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएंगे। मध्य प्रदेश के प्रभारी महामंत्री जयप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि हमारे विधायकों की यह जिम्मेदारी है कि वह पुरजोर ढंग से जनता के मुद्दे विधानसभा में उठाएं। नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने शिवराज सरकार के खिलाफ विस्तृत आरोप पत्र तैयार कर लिया है। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान इस आरोप पत्र के माध्यम से कांग्रेस पार्टी भाजपा की जन विरोधी नीतियों को घेरेगी।

कांग्रेस विधायकों का मत 
सभी विधायकों ने आम राय से यह मत व्यक्त किया कि शिवराज सरकार हर बार कोई ना कोई बहाना खड़ा करके विधानसभा की कार्यवाही समय से पहले समाप्त करने का षड्यंत्र करती है। कांग्रेस मानती है कि विधानसभा की प्रतिदिन की बैठक शाम 5:00 के बजाए देर शाम तक चलाई जाए। आवश्यकता हो तो रात 9:00 बजे तक बैठक चले।
बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और तरुण भनोट ने कहा की शिवराज सरकार एक के बाद एक घोटालों से घिरी हुई है। प्रदेश में महंगाई और बेरोजगारी अपने चरम पर है। प्रदेश की कानून व्यवस्था बुरी तरह लचर हो गई है और किसान खाद के लिए मारे मारे फिर रहे हैं। विधानसभा में कांग्रेस पार्टी समाज के हर वर्ग की समस्या को पुरजोर तरीके से उठाएगी। इस सवाल पर कि सर्वदलीय बैठक में जब इस बात पर सहमति बन गई है कि सदन को पूरे समय चलाया जाएगा तो फिर कांग्रेस अलग से यह मांग क्यों कर रही है, सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में बहुत फर्क है। अगर भाजपा अपने वादे पर कायम रहती है और सत्र को सुचारू रूप से चलाती है तो कोई बात नहीं है, लेकिन अगर विधानसभा सत्र को नियमों के मुताबिक नहीं चलाया गया तो कांग्रेस के विधायक हर लोकतांत्रिक विकल्प का प्रयोग करने के लिए स्वतंत्र हैं। विधायक दल की बैठक में पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ, मध्य प्रदेश के प्रभारी महामंत्री जयप्रकाश अग्रवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति सहित वरिष्ठ नेता और कांग्रेस के विधायक शामिल हुए।