संविदा आयुष डॉक्टरों ने चिट्ठी में लिखा अपना दर्द, कहा- “हमारी जान की कीमत सिर्फ 25 हजार”

भोपाल।

इंदौर में डाक्टरों और स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों के साथ हुई बदसलूकी को लेकर मध्यप्रदेश संविदा आयुष ओपीडी चिकित्सक फार्मासिस्ट संघ ने एक पत्र लिखा है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ अवतार सिंह यादव ने अपने पत्र में लिखा है कि इंदौर मैं जिन चिकित्सक साथियों पर हमला हुआ है,वो nrhm मैं पदस्थ संविदा आयुष चिकित्सक है, जो सरकार द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पदस्थ होकर कार्यरत है। उन्होने इस पत्र में अपना दर्द बयां करते हुए लिखा है कि हमारी शासकीय सेवा को 10-12वर्ष हो चुके है फिर भी वर्तमान मैं हमारा वेतन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से भी कम है। ऐसे में हमारे साथ कुछ हो जाता तो न अनुकंपा है न पेंशन
विडंबना यह है कि हम मात्र 400 चिकित्सक ही पदस्थ है। विगत कई वर्षों में सैकड़ों बार मंत्रियों,अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी कोई सुनवाई नही हुई।

इस पत्र में उन्होने लिखा है कि सरकारें बदलती रही परंतु संविदा आयुष चिकित्सक वहीं का वहीं है। आज की तारीख में तत्काल नियुक्त MBBS डाक्टर का वेतन 60000 से ज्यादा है,परन्तु हम 10 साल से वहीं है। ऐसे में यदि किसी संविदा आयुषचिकित्सक की सेवा मैं रहते मृत्यु हो जाती है तो हमारे परिवार को केवल 6 माह का वेतन मिलेगा इसके अलावा कुछ नही। न कोई बीमा, न कोई चिकित्सा भत्ता। वर्तमान मे nrhm से covid-19 के लिए जो नियुक्तियां निकली है उसमें भी आयुष डाक्टर की जान की कीमत 25000 रखी है।

अपने पत्र में उन्होने इंदौर मैं घटनाक्रम पर सोशल मीडिया,पत्रकारों और आम जनता द्वारा जो निंदा की गई,उसके लिये आभार जताते हुए अपील की है कि हमारी इस पीड़ा को सरकार और मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाए ताकि उन्हें एक सम्मानजनक स्थान प्राप्त हो सके।