Bhopal News : आज से शुरू होगा कोरोना वैक्सीन का ट्रायल,1000 से ज्यादा मिले वॉलिंटियर्स

पीपल्स मेडिकल यूनिवर्सिटी (Peoples Medical University) ड्रग ट्रायल के लिए तैयार है यहां पर को-वैक्सीन के डोज पहुंच चुके हैं और अगर सब कुछ ठीक रहा तो शुक्रवार से वॉलिंटियर्स को डोज दिया जाएगा। इसके लिए हजार वॉलिंटियर्स चुने गए हैं।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। हैदराबाद (Hydrabad) की निजी कंपनी (Private Company) द्वारा शहर में कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) के लिए ट्रायल (Trial) का प्रोग्राम तय किया गया है। बीते 3 दिनों से इसके लिए वॉलिंटियर्स (Volunteers) का रजिस्ट्रेशन (Registration) किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि लगभग एक हजार के करीब लोगों ने अपनी सहमति दे दी है, अब इन लोगों को वैक्सीन का टीका लगाया जाएगा। लेकिन इस प्रक्रिया में अभी तकनीकी पेंच फंसा हुआ है।

सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार ने अभी किसी तरह की मंजूरी कंपनी को नहीं दी है। वही गांधी मेडिकल कॉलेज के प्रस्ताव को कंपनी ने पेंडिंग में डाला हुआ है। इसलिए कंपनी की ओर से अभी तक कोई अधिकारिक जानकारी मीडिया को उपलब्ध नहीं कराई गई है।पीपल्स मेडिकल यूनिवर्सिटी (Peoples Medical University) ड्रग ट्रायल के लिए तैयार है यहां पर को-वैक्सीन के डोज पहुंच चुके हैं और अगर सब कुछ ठीक रहा तो शुक्रवार से वॉलिंटियर्स को डोज दिया जाएगा। इसके लिए हजार वॉलिंटियर्स चुने गए हैं। इससे पहले सभी प्रकार की सहमति ले ली गई है।

पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ अनिल दीक्षित ने बताया कि हमारे यहां को वैक्सीन के डोज पहुंच चुके हैं, भारत बायोटेक के एक प्रतिनिधि आए हुए हैं हमारी उनसे तैयारियों को लेकर चर्चा हुई है। हमने 27 नवंबर यानी आज से ट्रायल शुरू करने की तैयारी में है।भारत बायोटेक नाम की कंपनी ने कोरोना वैक्सीन बनाने के लिए आईसीएमआर से मंजूरी ली है। इसके लिए वह जिन वॉलिंटियर्स का चुनाव कर रही है। उसके लिए शर्त है कि व्यक्ति कभी भी कोरोनावायरस का शिकार ना हुआ हो। कंपनी की इस पॉलिसी को कुछ विशेषज्ञ ऐसा मान रहे हैं कि इससे वैक्सीन के नतीजे 100 फ़ीसदी सही आ सकते हैं।

गांधी मेडिकल कॉलेज में ट्रायल के लिए सभी तरह की तैयारियां कर ली है। संस्थान की एथिकल कमेटी पहले ही हरी झंडी दे चुकी है। वहीं वैक्सिंग डोज के स्टोरेज की व्यवस्था भी कर ली गई है। लेकिन भारत बायोटेक ने अब तक हमारे संस्थान को ट्रायल के लिए अप्रूव नहीं किया है। गुरुवार को जीएमसी की डीन अरुणा कुमार अपनी पूरी टीम के साथ दिनभर वैक्सीन के ट्रायल को आईसीएमआर और भारत बायोटेक के अधिकारियों से अप्रूव कराने की कोशिश में जुटी रही। डॉ कुमार ने कहा कि उन्होंने आश्वस्त किया है कि जीएमसी में ट्रायल होगा। जल्द ही इसकी सूचना देंगे। हमने यह जानकारी हायर अथॉरिटी को दी है। हमारी तरफ से को वैक्सीन के ट्रायल के लिए हम तैयार हैं।

वैक्सीनेशन के बाद जांचेंगे असर
वैक्सीनेशन के बाद वॉलिंटियर्स की इम्युनिटी जांच की जाएगी। इस जांच में टीकाकरण के बाद संबंधित व्यक्ति के इम्यून सिस्टम में हुए बदलाव का एनालिसिस किया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक वॉलिंटियर्स का टीकाकरण के बाद एंटीबॉडी टेस्ट एक निश्चित समय अंतराल के बाद किया जाएगा, ताकि संबंधित में वैक्सीन के बाद एंटीबॉडी बनने के लेवल को जांचा जा सके।