Coronavirus: MP में कोरोना की रफ्तार तेज, कलेक्टरों को मिले टोटल लॉकडाउन के अधिकार

भोपाल।

मध्यप्रदेश (MadhyPradesh) में लगातार बढ़ते कोरोना (Corona) के आंकड़ों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। कोरोना मरीजों के संख्या 16300 के पार पहुंच गई है और अबतक 630 से ज्यादा की मौत हो गई है।इसी को दो दिन पहले  देखते हुए गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (Home Minister Narottam Mishra) ने हर रविवार टोटल लॉकडाउन (Sunday total lockdown) का ऐलान किया  और अब इसके लिए सभी जिले के कलेक्टरों को अधिकार दे दिए गए है, ताकी वे हर रविवार को अपने जिले में इसका कड़ाई से पालन करवा सके। गृहमंत्री के आदेश के बाद विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कलेक्टर को यह अधिकार दिए गए हैं।

इसके तहत कलेक्टर अपने अपने जिलों की परिस्थितियों के हिसाब से बाजार बंद या खुला रखने का फैसला ले सकते है। वही धारा 144 लागू करना या नही यह भी उनके निर्णय में शामिल होगा। हालांकि इसके लिए वे आपदा प्रबंधन समूह से सलाह-मशविरा करेंगे। बीते दिनों मुरैना, बड़वानी, ग्वालियर और भोपाल समेत जिलों में तेजी से सामने आ रहे मरिजों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।वही पड़ोसी राज्यों से लगे जिलों में आवाजाही पर सख्त निगाह रखी जाएगी। प्रदेश में आने-जाने वाले लोगों की बॉर्डर पर जांच होगी। किल कोरोना अभियान के दौरान भी लॉकडाउन रहेगा।

सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने भी साफ कह दिया है कि सभी जिलों में मास्क लगाने एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन हो यह सुनिश्चित किया जाए। सभी सीमावर्ती जिलों में पब्लिक एडवाइजरी जारी की जाए। सभी जिलों में सप्ताह में एक दिन आवश्यक प्रतिबंध लागू किए जाएं।बड़वानी, मुरैना एवं अन्य सीमावर्ती जिलों की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि वहां कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। वहां सीमा पार दूसरे प्रांतों में संक्रमण अधिक होने से इन जिलों में संक्रमण बढ़ रहा है।इंदौर जिले की समीक्षा में पाया गया कि वहां की हालत में निरंतर सुधार हो रहा है। इंदौर में कोरोना की पॉजीटिविटी दर निरंतर कम हुई है। पहले यह दर 11 प्रतिशत तक थी जो अब घटकर 2.12 प्रतिशत रह गई है।

सैनिटाइजर नहीं तो जुर्माना

मुख्यमंत्री चौहान ने निर्देश दिए कि प्रदेश में मास्क का प्रयोग अनिवार्य किया गया है। इसी प्रकार शॉपिंग मॉल, कार्यालयों आदि मैं सैनिटाइजर रखना आवश्यक है। ऐसा न करने पर जुर्माना किया जाए। सभी स्थानों पर फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन हो, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।