फर्जी पुलिस बनकर करता था धोखाधडी, क्राइम ब्रांच ने किया गिरफ्तार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट|
पुलिस की वर्दी पहनकर रोब झाड़ने और पुलिस में नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगी करने वाले फर्जी एएसआई का क्राइम ब्रांच भोपाल ने पर्दाफ़ाश कर दिया है| क्राइम ब्रांच को पुलिस की वर्दी पहनकर धोखाधडी करने वाले जालसाज ठग के बारे में जानकारी प्राप्त हुई थी| जिसके बाद उसे बैरसिया और भोपाल के बीच एक बिना नम्बर की कार से गिरफ्तार किया गया है|

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक भोपाल जोन, भोपाल उपेन्द्र जैन एवं पुलिस उप महानिरीक्षक भोपाल (शहर) इरशाद वली द्वारा विशेष अभियान के तहत ठगो और धोखाधडी करने वालो के विरूद्ध कार्यवाही करने हेतु आदेषित किया गया है। उक्त तारतम्य में पुलिस अधीक्षक मुख्यालय धर्मवीर सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (क्राइम) गोपाल सिंह धाकड के मार्गदर्षन में थाना क्राइम ब्रांच भोपाल को पुलिस की वर्दी पहनकर धोखाधडी करने वाले जालसाज ठग के बारे में जानकारी प्राप्त हुई ।

थाना क्राइम ब्रांच भोपाल में शिकायतकर्ता राजा रमीज अली पिता रियाज अली द्वारा एक लिखित शिकायती आवेदन पत्र दिया और बताया कि वर्तमान मे बेरोजगार हूँ मुझे नोकरी की जरूरत थी, एक व्यक्ति से मेरा संपर्क हुआ जिसने कहा की वो मेरी पुलिस में नोकरी लगवा देगा उसने बताया की उसका नाम सुरेन्द्र धुरिया है और वह पुलिस मे ।ैप् (एक स्टार) होकर भोपाल मे पदस्थ होना बताता है जिससे मेरी कुछ दिन पूर्व करोंद में मुलाकात भी हुयी थी तब वह पुलिस की वर्दी मे ही मिला था, जिसकी नेम प्लेट पर सुरेन्द्र लिखा था जिसने मुझसे कहा की मैं तुम्हारी पुलिस में नोकरी लगवा दूंगा तुम मुझे 50,000 रुपये दो तब मैंने उसे तरीक मुझे याद नहीं लेकिन माह अगस्त 2020 के प्रथम सप्ताह में नगद 50,000 रुपये दिये थे उसकी पुलिस की वर्दी देख कर मैंने उस पर भरोसा कर लिया और और मैंने उसे 50,000 रुपये दे दिये पैसे लेने के बाद उसने मेरा फोन उठाना बंद कर दिया,मैं कई बार उसके घर भी गया पर वो घर पर नहीं मिलता था , तब मैंने उसके बारे मे कही से पता किया तो मुझे जानकरी मिली की वह पुलिस वाला नहीं है , उस व्यक्ति ने मेरे साथ फर्जी पुलिस बनकर नोकरी लगवाने के नाम पर 50,000 रुपये लेकर धोखाधड़ी की है।

इस मामले में क्राईम ब्रांच की एक टीम का गठन कर मुखबिर की सूचना पर टीम को बैरसिया मार्ग की ओर भेजा गया था जहां पर बैरसिया मार्ग की ओर से भोपाल मार्ग की ओर आते समय बिना नम्बर की वलेनो कार को चैक किया गया| जिसमें एक व्यक्ति जो पुलिस की सहायक उप निरीक्षक की वर्दी पहने था उसको रोक कर पूछताछ की गई जिसकी नेम प्लेट पर सुरेन्द्र कुमार नम्बर 2541 लिखा हुआ था। जिसे अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई पदस्थापना के बारे में कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दे पाया सहायक उप निरीक्षक पद नाम के साथ बैच नंबर नहीं होता है उसने अपना नाम सुरेन्द्र धूरिया पिता सुंदरलाल धूरिया उम्र 32 साल निवासी म.न. एस एल 38 राजीव कालोनी विवेकानन्द कॉलोनी के पास करोंद भोपाल का रहना वाला बताया एवं कारगिल सिक्योरिटी में फील्ड में काम करना बताया। जिसके पास दो अन्य मोटर साईकिलें एक पल्सर व एक पेशन मिली है। एक एअर गन एवं एक खिलौनानुमा रिवाल्वर पाई गई हैं। आरोपी को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा|