अध्यापकों के वेतन पर संकट, इस कारण अटक सकती है सैलरी

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भोपाल| अध्यापकों की नियुक्ति स्कूल शिक्षा विभाग में नए कैडर में कर दिए जाने के बाद अब अध्यापकों का डाटा एजुकेशन पोर्टल पर टीएएमएस में अपडेट हो रहा है। इनका वेतन संकुल के जरिए जारी किया जा रहा है। अब नई व्यवस्था होने के बाद से ट्रेजरी के माध्यम से वेतन जारी किया जा सकेगा। लेकिन इसकी कार्रवाई अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। ऐसे में  प्रदेश के लगभग ढ़ाई लाख अध्यापकों का वेतन संकट में है।

दरअसल स्कूल शिक्षा विभाग ने अध्यापकों का केडर चेंज कर उन्हें राज्य स्कूल शिक्षा सेवा में नियुक्त किया है। अध्यापकों की वेतन व्यवस्था बदलकर अब ट्रेजरी के माध्यम से की जा रही है। अब तक करीब अब तक 1 लाख अध्यापकों का डाटा ही अपडेट हो सका है। करीब 1.30 लाख अध्यापकों का डाटा अपडेट होना बाकी रह गया है। इसके बाद एम्प्लाॅइज कोड के आधार पर अध्यापकों को सातवें वेतनमान का लाभ भी दिया जाएगा। शिक्षा विभाग में पदस्थ अध्यापकों को नए शैक्षणिक सत्र से नए कैडर में पदस्थ किए जाने के बाद नई व्यवस्था के अनुरूप ही वेतन जारी किया जाएगा। इसके वेतन की नई व्यवस्था फिलहाल संकट में है। ऐसे में उन्हें वेतन मिलने में परेशानी हो सकती है। इसको लेकर आजाद अध्यापक सध ने मांग रखी है कि अध्यापक कर्मचारियों का कार्य समयसीमा के पहले ही पूरा कर लिया जाए ताकि वेतन का भुगतान समय पर किया जा सके।

शिक्षा विभाग में संविलियन के बाद अध्यापक से शिक्षक बने अध्यापकों को अब वेतन का भुगतान ट्रेजरी के जरिए किया जाएगा। ठीक उसी तरह जैसे अन्य शासकीय कर्मचारियों को किया जाता है। इसके लिए आयुक्त लोकशिक्षण ने संकुल प्राचार्यों को 21 मई तक अध्यापकों का डाटा अपडेट करने कहा था। ताकि ट्रेजरी के वेतन भुगतान मद के साफ्टवेयर में डाटा अपलोड किया जा सके। वेतन भुगतान की नई व्यवस्था के तहत संकुल स्तर पर डाटा अपडेशन का काम भी चल रहा है| अानन-फानन में यह डेटा अब अध्यापकाें से मांगा जा रहा है। उनसे कहा गया है कि अगर डेटा में गड़बड़ी की वजह से वेतन रुकता है तो जिम्मेदारी अध्यापकों की ही होगी। अब तक करीब अब तक 1 लाख अध्यापकों का डाटा ही अपडेट हो सका है। करीब 1.30 लाख अध्यापकों का डाटा अपडेट होना बाकी रह गया है। जिसके चलते उनका वेतन अटक सकता है|  

यह डाटा होगा अपडेट

– एजुकेशन पोर्टल पर टीएएमएस पर अपडेट डाटा विकल्प के जरिए पिता, पति का नाम, बैंक, आईएफएससी कोड, एकाउंट नंबर, ई-मेल आईडी अपडेट की जा रही।  सभी अध्यापकों को सभी कॉलम में एंट्री कराना जरूरी है। संकुल प्राचार्यों को आईडी पासवर्ड का उपयोग कर डाटा अपडेट करने कहा गया है।