भोपाल। गुना के मौजूदा भाजपा सांसद केपी यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने में देरी करना अशोकनगर के पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत को भारी पड़ गया है। राज्य सरकार ने सोमवार देर शाम उन्हें अशोकनगर एसपी के पद से हटाकर सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय भोपाल पदस्थ कर दिया है। फिलहाल जिले में नये पुलिस अधीक्षक की तैनाती नहीं की गई है।

दरअसल गुना सांसद यादव क्रीमिलेयर के एक मामले में फंसे हुए थे। यादव ने पुत्र के स्कॉलपशिप के लिये अपनी प्रतिवर्ष आय 8 लाख रुपये से कम दिखाई थी। वहीं इसी वर्ष हुए लोकसभा चुनाव के दौरान जब उन्होंने संपत्ति का ब्यौरा चुनाव आयोग को दिया, तो उन्होंने अपनी आय प्रतिवर्ष 39 लाख रुपये प्रदर्शित की। इस मामले को कांग्रेस के कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी प्रमुखता से उठाया था। इस मामले की जांच की गई, जिसमें तीन दिन पहले ही अशोकनगर एडीएम ने क्रीमिलेयर होने के बाद भी कम आय प्रदर्शित करने का दोषी माना था। इस दौरान कम आमदनी प्रदर्शित कर राज्य सरकार की छात्रवृत्ति योजना का फायदा लेने को अनुचित करार दिया गया था। इसी मामले में एडीएम ने पुलिस को इस मामले में काई कार्रवाई करने की सिफारिश की थी, लेकिन तीन दिन बाद भी पुलिस अधीक्षक कुमावत ने हीलाहवाली दिखाते हुए तत्परता से कार्रवाई नहीं की। हांलाकि बाद में उन्होंने सांसद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी। लेकिन तब तक वे सरकार की नाराजगी मोल ले चुके थे। जिसका खामियाजा आखिरकार उनको सोमवार देर शाम को भगुतना पड़ा और आखिरकार उन्हें जिले के पुलिस अधीक्षक पद से हटा दिया गया। यहां बता दें कि इसी वर्ष हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के रूप में उन्होंने कांग्रेस के कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को गुना संसदीय क्षेत्र में हरा दिया था। इसे कांग्रेस के लिये बड़ा झटका माना गया।