भोपाल। पुलिस अधिकारी मानवीय गुणों का परिचय देकर उनके मददगार बनें, जो उपेक्षित हैं और प्रगति के दौर में  पिछड़ गए हैं । ऐसे लोगों की मदद किसी पुण्य से कम नहीं। यह बात पुलिस महानिदेशक विजय कुमार सिंह ने कही। श्री सिंह सांची के होटल गेटवे रिट्रीट में ”अनुसूचित जाति और अनुसूचित जन जाति वर्गों के प्रति संवेदनशीलता” विषय पर आयोजित हुई पुलिस अधिकारियों की दो दिवसीय राज्य स्‍तरीय सेमीनार के समापन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।

डीजीपी ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अमल में राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश के अग्रणी रहने पर खुशी जाहिर की और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अजाक प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव एवं उनकी टीम को बधाई दी। उन्होंने यह भी कहा राजधानी भोपाल की बजाय सुदूर क्षेत्र में समाज की भागीदारी के साथ पुलिस अधिकारियों की सेमीनार आयोजित कर पुलिस की अजाक शाखा ने एक अच्‍छा और सकारात्‍मक नवाचार किया है।

ज्ञात हो इस बार सांची में पुलिस अधिकारियों की राज्य स्तरीय  संगोष्ठी (सेमीनार)आयोजित की गई। सेमीनार के दूसरे दिन यानि शुक्रवार को रायसेन जिले के ग्राम गुलगांव में पुलिस अधिकारियों ने पहुंचकर गांववासियों से सीधा संवाद किया और उनका दृष्टिकोण समझा। इस सेमीनार में प्रदेश भर से आए निरीक्षक से लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के लगभग 80 पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।

प्रतिभागियों को दिए प्रमाणपत्र एवं स्मृति चिन्ह

पुलिस महानिदेश ने सेमीनार के सभी प्रतिभागी पुलिस अधिकारियों को प्रमाणपत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए। उन्होंने रायसेन की पुलिस अधीक्षक  मोनिका शुक्ला को सेमिनार आयोजन में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए अजाक शाखा की ओर से विशेष स्मृति चिन्ह प्रदान किया।