खबर का असर: वसूली के आरोप में डीआईजी ने सिपाही को किया लाइन अटैच, तीन की जांच शुरू

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भोपाल। शनिवार को एमपी ब्रेकिंग न्यूज पर वसूली को लेकर भोपाल पुलिस की गुटबाजी की खबर को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया गया था। जिसके बाद में डीआईजी धर्मेंद्र चौधरी ने शाहजहांनाबाद थाने के आरक्षक उमेश भदौरिया को लाइन अटैच कर दिया है। वहीं वीडियो में दिख रहे एसआई राघवेन्द्र सिंह सिकरवार सहित टीआई शैलेंद्र सिंह मुकाती, शाहजहांनाबाद थाने के पूर्व टीआई उदय सिंह आलावा और एसआई सिकरवार के साथ वीडियो बना रहे चंदन नाम के आरक्षक की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद मामले में अन्य पुलिसकर्मीयों का नपना तय माना जा रहा है।

यह था मामला 

सोशल मीडिया पर एक आडियो और दो वीडियो वायरल हुए हैं। जिसमें वसूली को लेकर एक एसआई अवैध गैस की रिफलिंग करने वाले दुकानदार से पूछताछ कर रहा है। दुकानदार बताता सुनाई दे रहा है कि थाने में उमेश भदौरिया नाम का आरक्षक है। जो हर माह की बीस तारीख को दो हजार रूपए लेने आता है। कभी कभार वह खुद थाने पहुंचकर रकम देकर आता है। बातचीत के बीच एसआई कहता सुनाई आता है कि हम इंतजार कर रहे थे कि तुम खुद हमसे मिलो, इस जंगल में नया शेर आ गया है। तब दुकानदार कहता है कि वह सीधा टीआई और उमेश भदौरिया से संपर्क रखता है। पूर्व टीआई उदय सिंह अलावा से वह थाने में लेन-देन के संबंध में सीधा मिल चुका है। उनके आने की उसे जानकारी नहीं थी। तब एसआई रागवेंद्र सिंह सिकरवार कहता है कि उसे थाने में आए करीब चार महीने हो चुके हैं। तू ने हमसे कभी मिलने की कोशिश क्यो नहीं की, सुना है तू तीन मशीने चलाता है रिफलिंग की। दुकानदार कहता है कि एरिया में तीन दुकाने हैं, सिर्फ मेरी नहीं, तीनों अपनी-अपनी बंदी हर महीने पहुंचा देते हैं। इसके बाद में दुकानदार बताता है नूरमहल मस्जिद के सामने मेन रोड पर दो दुकाने हैं सोहेल और रईस की। वह भी अवैध रिफलिंग करते हैं। इसके बाद में आरक्षक उमेश भदौरिया ने कॉल कर आरक्षक चंदन को कॉल कर कहा था कि टीआई के हिसाब किताब में हाथ नहीं डालते। आज के बाद किया तो तुम नप जाओगे।