डीआईजी की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के बाद क्राइम ब्रांच में बदलाव शुरू, आठ लाइन अटैच

भोपाल। लगातार बदनाम हो रही क्राइम ब्रांच की क्लीनिंग अधिकारियों ने शुरु कर दी है। डीआईजी इरशाद वली के आदेश पर क्राइम ब्रांच में जमे आठ पुलिसवालों को को लाइन अटैच कर दिया गया है। अधिकारी इसे प्रशास्कीय कार्रवाई बता रहे हैं, जबकि हम पिछले कई दिनों से लगातार क्राइम ब्रांच में पदस्थ पुलिसकर्मियों की कारगुजारियां उजागर कर रहा था। पुख्ता सूत्रों की माने तो आगामी दिनों में क्राइम ब्रांच में बड़ा फेरबदल तय माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार पिछले दो दिनों के भीतर क्राइम ब्रांच के 8 पुलिसकर्मियों को डीआईजी इरशाद वली के आदेश पर लाइन अटैच किया गया है। क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के अनुसार सभी को प्रशास्कीय कार्यों के चलते लाइन हाजिर किया गया है। जिन पुलिसकर्मियों पर लाइन भेजने की कार्रवाई की गई है, उन में एएसआई जितेंद्र केवट,प्रमोद शर्मा,भवानीलाल बामने,अविनाश मेघ खत्री,धर्मेंद्र सिंह, रोहित चौहान,ज्ञानेंद्र दिवेदी और रवि शिल्पी शामिल हैं। डीआईजी इरशाद वली का कहना है कि इन सभी पुलिसकर्मियों को अलग-अलग कारणों से लाइन अटैच किया गया है।

– इन पर है अपराधियों को संरक्षण देने के गंभीर आरोप

एएसआई जितेंद्र केवट:-पुलिस सूत्रों के अनुसार इनपर राजधानी के एक कुख्यात बदमाश परिवार को संरक्षण देने के आरोप हैं। साथियों के ही खिलाफ शिकायतें करने के गंभीर आरोप भी इन पर हैं। क्राइम ब्रांच के ही एक आला अधिकारी ने इन्हे हटाने की अनुशंसा की थी। सूत्रों का दावा है कि राजनेतिक रसूख का इस्तमाल कर अब तक बचे हुए थे।

– वसूली,मारपीट के रहे आरोप

आरक्षक अविनाश मेघखत्री:- इन पर और प्रधान आरक्षक महेंद्र सिंह पर पिछले दिनों जहांगीराबाद से हत्या के प्रयास के मामले में फरार रहे युवक को पकड़कर वसूली कर छोने के आरोप रहे। अधिकारियों का तर्क था कि जिस जिया नामक युवक को पकड़ा गया था उस पर पिस्टल तस्करी के आरोप भी थे। पूछताछ के लिए उसे उठाया गया था। सूत्रों का दावा है कि इसी मामले में मेघ खत्री को लाइन अटैच किया गया है।

– इन पर भी गिर सकती है गाज

प्रधान आरक्षक और आरक्षक मुशताक, एक ही नाम के यह दो पुलिसकर्मी क्राइम ब्रांच में हैं। प्रधान आरक्षक पिस्टल तस्करी के एक मामले में हेरफेर के चलते लाइन हाजिर किया गया था। एक पूर्व डीआईजी से नजदीकी के चलते, पोस्टिंग वापस क्राइम ब्रांच में कराई। करीब साढ़े तीन महीने पहले आरक्षक मुशताक का गुनगा थाने में ट्रांसफर किया गया था। क्राइम ब्रांच के मोह में इन्होंने जुगत बैठाकर यथावत रहने के आदेश करा लिए।