दिग्विजय ने गृहमंत्री अमित शाह से पूछा…आखिर आप चाहते क्या है

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भोपाल।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा था, जिसमें कर देश में सोशल मीडिया पर बढ़ती नफरत और आसमाजिक तत्वों द्वारा फैलाई जा रही फर्जी खबरों का जिक्र किया था।इस पत्र को लेकर आज गुरुवार को दिग्विजय सिंह ने बड़ा बयान दिया है। सिंह ने कहा है कि मैने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है और पूछा है कि एक तरफ आप विश्वास लेने की बात करते है ओर दूसरी तरफ सम्मानित करके एन्टी नेशनल घोषित करते हो…समझ नही आता आखिर आप चाहते क्या है…।

दरअसल, आज मीडिया से चर्चा के दौरान दिग्विजय ने कहा है कि कश्मीर पर राज्यसभा सभा मे चर्चा हुई है, क���्मीर में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है, छह महीने बढ़ाने के लिए चर्चा के जवाब में अमित शाह ने विस्तार से बताया था।सरकार कश्मीर के लोगो को विश्वास में लेने का प्रयास कर रही है । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास कह रहे है। दूसरी तरफ क्या हो रहा है वो लोग जो सोशल मीडिया पर कश्मीर के लोगो के खिलाफ एन्टी नेशनल कहते है।पुलवामा की घटना को लेकर जिसने भी इंटेरियाल फिरियोल का प्रश्न उठाया था उनको इन्होंने एन्टी नेशनल घोषित कर दिया है

यह एक संस्था है जो कि आरएसएस से संबंधित है, उसकी शिकायतों पर कई कश्मीरी लड़कों और लड़कियों के खिलाफ कार्यवाही की गई पीटा गया ओर जेल भेजा गया। ऐसे लोगो का आरएसएस की संस्था ने पत्रकारों के रूप में सम्मान किया है। जिन्होंने इस प्रकार की पोस्टिंग सोशल मीडिया पर की है।देश में ये हो क्या रहा है समझ नही आता ।

क्या लिखा  है पत्र में

दरअसल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर सोशल मीडिया को लेकर कड़े कानून लाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि सोशल मीडिया नफरत और हिंसा फैला रहा है, इसलिए इस पर नकेल कसने की जरूरत है। पत्र के जरिए उन्होंने फिर आरएसएस पर  निशाना साधा. पत्र में लिखा है कि  ‘कश्मीरियों को राष्ट्र विरोधी बोलने वालों को आरएसएस से सम्बंधित ‘इंद्रप्रस्थ विश्व संवाद केंद्र’ सम्मानित करता है।उन्होंने पत्र में लिखा कि पुलवामा हमले के बाद फेसबुक पर एक CTN- Clean The Nation नाम का एक पेज तैयार किया गया। इस अकाउंट से उन लोगों को निशाने पर लिया गया जिन्होंने पुलवामा हमले पर सरकार से सवाल किए।CTN को पिछले हफ्ते सोशल मीडिया पत्रकारिता के लिए पुरस्कार दिया जाता है।