सत्याग्रह स्थल पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री, बोले- ‘जरूरत नहीं थी इस क़ानून की’

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह बुधवार शाम को इक़बाल मैदान में जारी सत्याग्रह में पहुंचे। उन्होंने नए कानून को गैर जरूरी बताते हुए इसको देश के नागरिकों को गुमराह करने की साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि जो कानून देश के संविधान के मुताबिक पहले से लागू था, उसमें छेड़छाड़ करने की क्या जरूरत पड़ गई। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकता के लिए पहले से लागू 14 बरस की बाध्यता को हटाकर 5 साल कर दिया जाना महज देश को धर्म और जाति के नाम पर बांटने की साजिश है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के नागरिकों के लिए लागू किया जाना और उसमें भी एक धर्म के लोगों के लिए अलग व्यवस्था बताना किसी स्वस्थ सरकार का नजरिया नहीं कहा जा सकता। दिग्विजय ने कहा कि हम इस कानून को मानने को राजी नहीं हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया है कि इस काले कानून के खिलाफ हम और हमारे साथी हमेशा खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रजातन्त्र में एक तरफा बात होने से इसकी आत्मा खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि हम मोदी को चाय पर चर्चा के लिए आमंत्रित करते हैं, वे आएं और हमारे मन की बात सुनें।

दिग्विजय ने कहा कि ये मामला हिन्दू और मुसलमान का नहीं है। इस काले कानून के घेरे में देश का हर नागरिक आने वाला है। इसलिए उन लोगों से सतर्क रहें जो घर घर जाकर एनआरसी और सीएए को बेहतर बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की मूल ताकत यहां की एकता में अनेकता ही है, इसको बिखेरने की कोशिश की गई तो देश की आत्मा नष्ट हो जाएगी।