चुनावी जमावट के लिए दिग्गी का वॉर रूम तैयार, कन्हैया कुमार के साथी को सौंपी जीत की जिम्मेदारी

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भोपाल।

लोकसभ�� चुनाव में कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को भोपाल सीट से मैदान में उतार तो दिया है, लेकिन जीतना और अपना राजनैति करियर बरकरार रखना दिग्विजय के लिए चुनौती बना हुआ है।खुद दिग्विजय रोज संसदीय क्षेत्र में दौरे कर रहे है और लोगों से रुबरु हो रहे है । वही अब दिग्विजय ने एक वॉर रुम तैयार करवाया है, जिसमें जेएनयू से आई एक टीम उनके फेवर में काम करेगी और सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसा माहौल तैयार करेगी ताकी जीत हासिल हो सके। खास बात ये है कि इस वॉर रुम की जिम्मेदारी जेएनयू दिल्ली के छात्र नेता और बिहार के बेगुसराय से चुनाव लड़ रहे कन्हैया कुमार के साथी हैं।

कहैन्या के साथी सोशल मीडिया के जरिए भोपाल के युवाओं से संपर्क और संवाद करेंगे। वहीं, वॉर रूम के कॉल सेंटर से पोलिंग बूथ के कार्यकर्ताओं से हर दिन की गतिविधि की जानकारी ली जाएगी। दिग्विजय की टीम के वरिष्ठ नेताओं ने इसकी पुष्टि की है। चुनाव प्रबंधन मिंटो हॉल के सामने बने वॉर रूम से होगा। यहां विधानसभा चुनाव में फर्जी मतदाताओं का खुलासा करने वाले विकास जैन की भी मदद ली जा रही है। वे भोपाल सीट के फर्जी मतदाताओं की सूची तैयार कर रहे हैं।वॉर रूम के जरिए भोपाल से लेकर सीहोर तक की आठों विधानसभा सीटों की चुनावी व्यवस्था की मॉनीटरिंग की जाएगी। दिग्विजय खुद हर कार्यकर्ता से संपर्क कर रहे हैं। इसी वॉर रूम से चुनाव की पल-पल की प्लानिंग और रणनीति भी तैयार हो रही है।दिग्विजय इस बार हर हाल में चुनाव जीतना चाहती है, अगर वे जीतते है तो ना सिर्फ प्रदेश में बल्कि केन्द्र मे उनका कद बढ़ेगा और अगर वे हार जाते है तो उनके राजनैतिक करियल पर विराम लग सकता है। फिलहाल वेट एंड वॉच वाली स्थिति बनी हुई है।

वही बीजेपी ने यहां से अपना उम्मीदवार नही उतारा है। उम्मीदवार को लेकर अब भी पार्टी में मंथन किया जा रहा है। हालांकि केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, बीडी शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम दौड़ में शामिल है। वर्तमान में यहां से आलोक संजर सांसद है। जहां दिग्विजय के लिए यहां जीत हासिल करना बड़ा सवाल है वही बीजेपी के लिए भी अपनी साख बचाना चुनौती है। खैर ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि इस सीट पर किसकी जीत होती है और किसकी हार, लेकिन इसके पहले सबको बीजेपी से उम्मीदवार का है इंतजार…।

वॉर रूम की टीम यह काम करेगी

– हर पोलिंग बूथ की मॉनीटरिंग। 

– सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर नजर। 

– आईटी सेल से प्रचार-प्रसार।

– मीडिया से संवाद करना। 

– हर कार्यकर्ता से सीधा संपर्क। 

– बूथ प्रभारियों की ट्रेनिंग।

ऐसा रहा है भोपाल लोकसभा सीट का इतिहास

भोपाल लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा की 8 सीटें आती हैं। बेरसिया, भोपाल दक्षिण-पश्चिम, हुजूर, भोपाल उत्तर, भोपाल मध्य, सिहौर, नरेला और गोविंदपुरा यहां की विधानसभा सीटें हैं। 8 विधानसभा सीटों में से 5 पर बीजेपी और 3 पर कांग्रेस का कब्जा है। 2014 के लोकसभा चुनाव में आलोक संजर ने कांग्रेस के प्रकाश मंगीलाल शर्मा को पराजित किया था। आलोक संजर को इस सीट में 7,14,178(63.19) फीसदी वोट मिले थे। वहीं प्रकाश मंगीलाल को 3,43,482(30.39 फीसदी) वोट मिले थे। आलोक ससंजर ने प्रकाश मंगीलाल को 3,70,696 वोटों से हराया था। वहीं आम आदमी पार्टी इस चुनाव में तीसरे स्थान पर रही थी। इससे पहले 2009 के चुनाव में बीजपी के कैलाश जोशी ने जीत हासिल की थी। उन्होंने कांग्रेस के सुरेंद्र सिंह ठाकुर को हराया था। इस चुनाव में कैलाश जोशी को 3,35,678 वोट मिले थे. वहीं सुरेंद्र सिंह ठाकुर को 2,70,521 वोट मिले थे। कैलाश जोशी करीब 65 हजार वोटों से विजयी रहे थे।