दिग्विजय का तंज, लोग समझते थे सिंधिया के जाने से कांग्रेस खत्म हो जाएगी लेकिन..

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। उप चुनावों (By election) में सभी 28 सीट जीतने के भाजपा (bjp) और कांग्रेस (congress) के दावों को तो जनता ने खारिज कर दिया लेकिन भाजपा को 19 सीटें देकर मजबूती दे दी और कांग्रेस दहाई का अंक भी नहीं छू पाई। कांग्रेस को केवल 9 सीट मिली। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (ex chief minister kamalnath)ने फैसले को स्वीकार करते हुए कहा कि जनता का आदेश कांग्रेस को स्वीकार है लेकिन दिग्विजय सिंह (digvijay singh) ने ईवीेएम (evm)  सहित अन्य कई चीजों पर सवाल उठाये। अब उन्होंने ट्वीट (tweet) कर तंज कसे हैं…

दिग्विजय सिंह ने अपने ट्विटर एकाउंट पर कई पोस्ट डाली हैं उन्होंने लिखा ” मप्र में हुए उपचुनाव में नतीजे हमारे पक्ष में नहीं गए उसका विश्लेषण होना चाहिए। ग्वालियर चंबल क्षेत्र में 16 में से 7 सीट हम जीते भांडेर में फूल सिंह बरैया जी केवल 171 वोट से पीछे रह गए। लोग समझते थे सिंधिया जी के जाने के बाद कांग्रेस समाप्त हो जाएगी। पर नई कांग्रेस खड़ी हो गई। आगे उन्होंने लिखा ” मालवा,निमाड़, बुंदेलखंड क्षेत्र में नतीजे हमारे पक्ष में नहीं गए। कांग्रेसजन एक हो कर लड़े कहीं भी गुटबाज़ी की कोई शिकायत नहीं आई। सभी कांग्रेसजनों को धन्यवाद। जिन मतदाताओं ने हमें मत दिए उनके प्रति आभार।” अगले ट्वीट में दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए लिखा “भाजपा प्रतिशोधात्मक कार्रवाई कर रही है और भी करेगी। हमें एक हो कर अन्याय और अत्याचार के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ना पड़ेगी। मार्ग कठिन है संघर्ष पूर्ण है चुनौती पूर्ण है। लेकिन कांग्रेस पार्टी संघर्ष में ही मज़बूती के साथ खड़ी होती है। हमें यह समझना चाहिए हर चुनौती में अवसर भी है।”

दिग्विजय ने आगे लिखा “कांग्रेस को नया स्वरूप देना होगा। कमलनाथ जी के नेतृत्व में रही 15 महीनों की सरकार में किसानों के हित में कर्ज माफ़ी, बिजली के बिलों में किसानों व आम परिवारों को राहत, विधवा तथा वृद्धावस्था पेंशन में वृद्धि जैसे जनहित में लिए गए निर्णयों को पालन कराने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।” आखिर में उन्होंने लिखा “मुझे विश्वास है नेहरू, गांधी परिवार के नेतृत्व में हम जनता का विश्वास फिर जीतेंगे। भाजपा ‘जन बल’ को दबाने के लिए ‘धन बल’ का भरपूर उपयोग करेगी। लेकिन देश में भाजपा के नेतृत्व में गिरती अर्थव्यवस्था, बढ़ती बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ गरीब मज़दूर, किसान व वंचित वर्गों के साथ खड़ा होना पड़ेगा, और हम कामयाब होंगे।”

 

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