डिनर डिप्लोमेसी: कहीं सियासत पाने तो कहीं बचाने की कोशिश

अनुराग शर्मा,भोपाल/सीहोर। अमूमन राजनीतिक तौर पर शांत प्रदेश माना जाने वाला मध्यप्रदेश इन दिनों सुर्खियों में है। हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों से शुरू हुआ मसला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, राज्यपाल और मुख्यमंत्री में पत्र-युद्ध चल रहा है, कोरोना के बहाने विधानसभा स्थगित है और राज्य में सरकार को लेकर पसोपेश बरकरार है। लगातार हो रही इन हलचल के बीच शायद ही कभी विधायकों ने खुद को इतना महत्वपूर्ण महसूस किया होगा। सत्ताधारी कांग्रेस हो या सत्ता में आने की उम्मीद जोहती बीजेपी, दोनों ही अपने एक-एक विधायक को इन दिनों वीआईपी ट्रीटमेंट दे रही है। अपने विधायकों की छोड़िये, विरोधी विधायकों पर भी कड़ी नज़र है। ये पहली बार ही होगा कि विधायकों की अपनी पार्टी के आला नेताओं से इतना अधिक और निरंतर संपर्क हो रहा है। कहीं उन्हें पिकनिक के बहाने दिल्ली या राजस्थान भेजा जा रहा है, कहीं फाइव स्टार होटल या शानदार रिसॉर्ट में ठहराया जा रहा है। इतना ही नहीं, विधायकों के अलावा पार्टी के अन्य नेताओं के साथ बी बड़े नेता लगातार लंच, डिनर पर मंत्रणा कर रहे हैं और भविष्य की रणनीति तैयार की जा रही है।

इन्हीं उलटफेर के बीच मंगलवार शाम बीजेपी ने अपने प्रवक्ताओं की बैठक बुलाई। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निवास पर आयोजित बैठक में वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर प्रवक्ताओं दिशा निर्देश दिये गए। इस बैठक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी मौजूद रहे, साथ ही लोकेंद्र पाराशर, राजो मालवीय, आलोक संजर, रजनीश अग्रवाल, हिदायतुल्ला शेख, राकेश शर्मा, मनीष सक्सेना, नेहा बग्गा, धैर्यवर्धन शर्मा, प्रवीण नापित, सुमित ओरछा, दुर्गेश केसरवानी शामिल हुए और चाय नाश्ते के साथ यहां आगे की रणनीति पर विचार किया गया। इसके बाद बीजेपी के 106 विधायक को सीहोर के वाटर पार्क में रात्रि भोज दिया गया, पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान भी इस भोज में सम्मिलित हुए।

वहीं मंगलवार रात कमलनाथ ने सीएम हाउस में विधायकों को डिनर पर बुलाया है। माना जा रहा है कि इस रात्रिभोज में मुख्यमंत्री और अन्य बड़े नेता विधायकों के साथ भोजन पर हालिया स्थिति को लेकर चर्चा करेंगे। वहीं सीएम हाउस पहुंचे गृह मंत्री बाला बच्चन ने बीजेपी द्वारा हालिया नियुक्तियों पर आपत्ति को लेकर कहा कि समय आने पर सब साफ हो जाएगा।