मप्र के सरकारी स्कूलों में जनवरी से शिक्षा मित्र ऐप के जरिए अनिवार्य होगी ई-अटेंडेंस

भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की मनमानी पर रोक लगाने और शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए कमलनाथ सरकार ने बढ़ा कदम उठाया है। अपने चुनावी वादे को तोड़ते हुए सरकार के आदेश पर स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूलों में ई-अटेंडेंस को अनिवार्य करने का फैसला किया है। जनवरी 2020 से सभी स्कूलों में शिक्षकों को अपनी और बच्चों को उपस्थिति ई-अटेंडेंस के माध्यम से दर्ज करनी होगी। विभाग ने ऐप के माध्यम से बच्चों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट कर लिया है। साथ ही शिक्षकों को अपनी उपस्थिति भी ऐप के माध्यम से लगानी होगी।

तत्कालीन भाजपा सरकार ने 2018 में ई-अटेंडेंस सिस्टम लागू किया था। इस पर शिक्षकों ने प्रदेश भर में आंदोलन कर विरोध दर्ज कराया था। विधानसभा चुनाव को देखते हुए इसके अमल में ढील दी गई थी। शिक्षकों के विरोध के चलते कांग्रेस ने वचन पत्र में ई-अटेंडेंस सिस्टम को बंद करने का वादा किया था। लेकिन अब कमलनाथ सरकार अपने चुनावी वादा तोडऩे जा रही है।

दरअसल विभाग ने पाया था कि प्रदेश के करीब 55 फीसदी शिक्षक नियमित रूप से स्कूल नहीं जा रहे हैं। अधिकांश शिक्षक स्कूल में देरी से पहुंच रहे हैं। वहीं बच्चों की उपस्थिति भी 40 फीसदी पाई गई। दूसरी ओर हाल ही में स्कूल शिक्षा विभाग की बैठक में सरकारी स्कूलों में स्तरहीन पढाई को लेकर कमलनाथ ने नाराजगी जाहिर की थी। इस कारण विभाग ने यह निर्णय लिया कि अब बच्चों की उपस्थिति भी ई-अटेंडेंस से लगाई जाएगी। प्रक्रिया के तहत हर शिक्षक के पास लॉग इन व पासवर्ड होता है। वे स्कूल पहुंचकर अपनी उपस्थिति ई-अटेंडेंस में लगाएंगे। साथ ही कक्षा में उपस्थित बच्चों की संख्या भी प्रतिदिन दर्ज करेंगे। सूत्रों के मुताबिक ई-अटेंडेंस को एक जनवरी से पहले भी लागू किया जा सकता है। विभाग ने इस संबंध में पूरी तैयारी कर ली है, बस शासन से आदेश का इंतजार है। 

शिक्षकों में हड़कंप 

शिक्षा व्यवस्था को सुधारने प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने इसे अनिवार्य करने का फैसला किया है, जबकी सत्ता में आने से पहले कांग्रेस ने अपने वचन-पत्र में ई-अटेंडेंस बंद करने का वचन दिया था। लेकिन प्रदेश के सवा करोड़ बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ अपना चुनावी वादा तोड़ने का फैसला किया है। सरकार के इस फैसले से शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। मोबाइल शिक्षक ऐप के माध्यम से ई-अटेंडेंस को लेकर शिक्षक इसलिए भयभीत हैं कि इससे आने-जाने के समय की मॉनीटरिंग होने लगेगी। इस सॉफ्टवेयर से शिक्षक की लोकेशन भी पता चलेगी कि वह स्कूल में है या कहीं ओर से अटेंडेंस दे रहा है।