महामारी के दौर में चुनावी तैयारी! कोरोना संकट के बीच ‘महाराज’ के फोन से सियासत गर्म

भोपाल| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना (Corona) महामारी से मचे हाहाकार के बीच सियासत का पारा भी उछाल मार रहा है| एक तरफ कोरोना संकट को लेकर जहां सियासी दल एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, जनता के बीच अपनी छवि बनाने की कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे| वहीं सरकार का भविष्य तय करने वाले उपचुनाव को लेकर भी तैयारियां तेज हो गई है| कार्यकर्ताओं को नेताओं के फ़ोन पहुँच रहे हैं| कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने चुनावी बागडोर संभाल ली है| सिंधिया कार्यकर्ताओं को फोन करके चुनाव की याद दिला रहे हैं और इसकी तैयारियों में जुट जाने को कह रहे हैं। ‘महाराज’ के फोन कॉल ने राज्य की सियासत गरमा दी है| वहीं कांग्रेस को घेरने का मौक़ा दे दिया है|

कांग्रेस (Congress) को सत्ता से बाहर करने वाले पूर्व विधायकों की जीत का जिम्मा भी सिंधिया के ऊपर ही है| अपने समर्थकों के लिए सिंधिया ने अभी से मैदान संभाल लिया है| मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सिंधिया ने सांवेर के एक कार्यकर्ता को फ़ोन लगाकर कहा हेलो… मैं सिंधिया बोल रहा हूं. अच्छे तरीके से उपचुनाव की तैयारी कर लेना, घर पर सभी को कहना मैंने फोन किया था, अपना ख्याल रखना| इस दौरान उन्होंने विधानसभा उपचुनाव में मंत्री तुलसी सिलावट की मदद करने की अपील की|

कांग्रेस हुई हमलावर
सिंधिया के फ़ोन कॉल से प्रदेश की सियासत गरमा गई है| राज्य में कोरोना संकट के बीच सिंधिया की चुनावी चिंता कांग्रेस को खटक रही है| कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के मीडिया प्रभारी नरेन्द्र सलूजा ने सिंधिया पर हमला बोला है| उन्होंने ट्वीट कर लिखा-“कोरोना की इस भीषण महामारी में ज्योतिरदित्य सिंधिया के साँवेर में कार्यकर्ताओं को फ़ोन पहुँचे कि उपचुनाव जिताना है , ध्यान रखना ? अभी तो समय है कोरोना से पीड़ित लोगों का दुःख-दर्द जानना, इस महामारी से निपटना , इस संकट में भी राजनीति ? ये कई जनसेवा -ये कैसे जनसेवक”|

महामारी के दौर में चुनावी तैयारी
इंदौर जिले की सांवेर सीट से तुलसी सिलावट चुनाव जीते थे, सिंधिया समर्थक सिलावट ने कांग्रेस छोड़ने के बाद विधायक पद से इस्तीफा दिया था। मंत्री बने रहने के लिए उनका चुनाव जीतना जरूरी है। सिलावट सिंधिया के ख़ास नेताओं में से एक है, यही वजह है कि कमलनाथ सरकार में भी उन्हें मंत्री पद मिला और शिवराज सरकार में भी दोबारा मंत्री बनाया गया| अब उपचुनाव जीतना बड़ी चुनौती होगी, जिसके लिए सिंधिया ने करोनकाल में भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी है|