ग्रामीणों का जज्बा : उफनते नाले से गर्भवती को ले जाने बनाया जुगाड़ का पुल, देखें वीडियो

राजधानी में एक प्रसूता महिला को खाट पर लिटाकर परिजनों को अस्पताल ले जाना पड़ा

भोपाल,डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश (MP Rains) से हालात बिगड़ गए हैं। और जन-जीवन ठहर सा गया है। लगातार बारिश से नर्मदा, चंबल, बेतवा और शिप्रा समेत तमाम छोटी बड़ी नदियां उफान पर हैं। आलम ये है कि सड़कों पर पानी भरा है, पुल-पुलिया डूब गईं है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ा। भोपाल (bhopal) के बैरसिया ब्लॉक के मैनापुरा गांव से भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती (pregnant woman) को भारी बारिश के बीच अस्पताल पहुंचाना परिवार के लिए चुनौती बन गया। क्योंकि नाला उफान पर होने के कारण जाने का कोई रास्ता नहीं था। ऐसे में लोगों ने अपने घरों से लोहे की रॉड और पाइप उठाकर सिर्फ 20-25 मिनट में जुगाड़ का अस्थाई ब्रिज बना दिया। मां और बच्चा अब पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

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बता दें कि भोपाल के बैरसिया ब्लॉक के मैनापुरा गांव की महिला भूरी देवी को सोमवार (22 अगस्त) सुबह 4 बजे अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। जिसके कारण परिजन परेशान होने लगे। क्योंकि दो दिन से तेज मूसलाधार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर थे। जिस कारण से गांव के सभी रास्ते बंद हो गए थे। ऐसे में परिजनों को समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें। पड़ोसियों को बताया तो मदद के लिए पूरा गांव साथ आ गया। सभी लोग नाले किनारे पहुंचे। गांव से करीब डेढ़ किमी दूर नाले का सबसे संकरा छोर मिला। सबने तय किया की यहीं से रास्ता बनाएंगे। सबसे पहले मैंने अपने बाउंड्रीवॉल के गेट को तोड़ा। गेट लेकर नाले किनारे पहुंचे। साथ ही गांववाले भी अपने घरों से ट्यूबवेल के पाइप और रॉड लेकर आ गए। सभी ने मिलकर 20-25 मिनट में पाइपों के ऊपर गेट डालकर अस्थाई पुल बना दिया। ब्रिज तैयार था, लेकिन तेज बारिश के बीच बहू को करीब 5 किमी दूर अस्पताल पहुंचाना चुनौती थी।

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उधर बहू को चारपाई पर लिटाया। और बारिश से बचाने के लिए चारपाई को तिरपाल से ढंक दिया। करीब डेढ़ किमी कच्चे रास्ते से होते हुए खेत तक पहुंचे। यहां भांजा जगदीश ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर खड़ा था, जिसकी मदद से बहू को नजीराबाद के सरकारी अस्पताल लेकर गए। वहां उसकी डिलीवरी हुई। और बच्चे को जन्म दिया।

गर्भवती महिला के ससुर राधेश्याम गुर्जर ने बताया कि हमारे गांव से अस्पताल तक पहुंचाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन पोते का चेहरा देखते ही सब भूल गया। गांव के लोगों ने इस संकट के समय में सहयोग किया।

कांग्रेस नेत्री संगीता शर्मा ने ट्वीट कर लिखा कि भाजपा सरकार के 18 सालों के बाद भी हाल बेहाल, राजधानी में एक प्रसूता महिला को खाट पर लिटाकर परिजनों को अस्पताल ले जाना पड़ा, भोपाल के नज़ीराबाद मैनापुरा गांव में उफनता नाला होने पर लोहे के गेट से रास्ता बनाकर ग्रामीणों को अपनी और प्रसूता महिला की जान जोखिम डालना पड़ी।