भोपाल। मध्य प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है। एक बार फिर संघ की ओर से 7 नवंबर को विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। संघ के उप प्रांताध्यक्ष लक्ष्मीनारायण शर्मा ने बताया कि  मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ  द्वारा कर्मचारियों की लंबित मांगे  जिसमें 5 पर्सेंट महंगाई भत्ता, सातवे वेतनमान के सभी भत्‍ते केन्‍द्रीय दर पर दिये जायें, विभिन्‍न केडर की वेतन विसंगतियों को दूर किया जायें।

उन्होंने बयान जारी कर कहा कि, प्रदेश के लिपिकों के लिये गठित रमेशचन्‍द्र शर्मा समिति की 23 अनुसंशाओं को लागू किया जायें।  शिक्षकों को पदोन्‍नत पदनाम दिये जायें। ई अटेंडेंस समाप्‍त की जायें, नई पेंशन योजना को समाप्‍त कर पूरानी पेंशन योजना लागू की जायें। संविदा प्रथा समाप्‍त कर सभी संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जायें, रिक्‍त पदों पर नियमित नियुक्ति की जायें, केंद्रीय वेतनमान की ग्रेड वेतन विसंगति दूर करने, अध्यापक विभिन्न वर्गों की वेतन ,आंगनबाड़ी स्वास्थ्य कार्यकर्ता आशा कार्यकर्ता  को न्यूनतम वेतन  15000 दिए जाने आदि प्रमुख है की ओर सरकार  का ध्यान खीचने के लिए  तीन चरणों में आंदोलन किया जायेंगा । आंदोलन के प्रथम चरण में 7 नवंबर को तहसील एवं ब्लॉक स्तर पर कर्मचारी एकत्र होकर प्रदर्शन करेंगे एवं मुख्‍य मंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपेगे । आंदोलन की तैयारी को लेकर संभाग स्‍तर पर ग्‍वालियर, रीवा एवं शहडोल संभाग में बैठक आयोजित की गई है। संघ के प्रान्ताध्यक्ष ओ पी कटियार ने   सरकार को चेताया है कि राज सरकार समय रहते कर्मचारियों की लंबित मांगों का निराकरण नहीं करती है तो उसे बड़े आंदोलन का सामना करना होगा।  संघ चर्चा के माध्यम से कर्मचारियों की लंबित मांगों का हल चाहता है ।