DA का 50% भुगतान और वेतन वृद्धि की मांग पर अड़े कर्मचारी, 1 नवंबर से काम के बहिष्कार का फैसला

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एम्प्लॉइज एंड इंजीनियर्स (एपीयूएफपीईई) ने फैसला लिया है कि सरकारी बिजली कंपनियों के कर्मचारियों अपनी विभिन्न मांगों को पूरी कराने के लिए अब एक नवंबर से काम का बहिष्कार करेगे। इस दौरान राज्य के स्वामित्व वाली बिजली कंपनियों के कर्मचारी और इंजीनियर एक नवंबर से अपनी पांच सूत्रीय मांग को लेकर कार्य बहिष्कार कर आंदोलन करेंगे।

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इनकी मांग है कि महंगाई भत्ते के बकाया का 50 प्रतिशत भुगतान और अक्टूबर के वेतन में वेतन वृद्धि राशि का भुगतान किया जाए, हालांकि फोरम पहले ही प्रदेश के ऊर्जा मंत्री और ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव के साथ बैठकों में अपनी यह मांगे रख चुका है जहां आश्वासन दिया गया था लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। एमपीयूएफपीईई सरकारी बिजली कंपनियों के इंजीनियरों और कर्मचारियों के 11 संघों का एक संयुक्त मंच है। बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ता (डीए) में तीन फीसदी की बढ़ोतरी के बाद कुछ सूबों ने भी अपने सरकारी कर्मचारियों की तनख्वाह में इजाफा कर के उन्हें दिवाली का तोहफा दिया था। ऐसे प्रदेशों में मध्य प्रदेश भी शामिल है। बीजेपी शासित सूबे में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अपने कर्मचारियों के डीए में आठ फीसदी के इजाफे का ऐलान किया था। म.प्र के मुख्यमंत्री ने भी डीए में आठ फीसदी वृद्धि का ऐलान किया था। राज्य सरकार के इस निर्णय से सरकारीकर्मियों के डीए की कुल रकम (प्रतिशत में) बढ़कर 20 फीसदी हो गई।