शिव’राज’ में पूरी नहीं हुई मांगों ने बढ़ाई कमलनाथ सरकार की मुश्किलें

भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले शिवराज सरकार में कई कर्मचारी आंदोलन हुए| अब सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस सरकार के लिए भी सालों से लंबित पुरानी मांगें सिरदर्द बनती जा रही है। अब मंत्रालय कर्मचारी संघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपनी मांगों को लेकर मंत्रालय कर्मचारी संघ ने 22 अक्टूबर को धरना और सुंदरकांड करने का निर्णय लिया है। 

शुक्रवार को सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव के नाम संघ ने एक मांग पत्र सौंपा हैं इसमें 31 मांगें हैं। ज्यादातर मांगें पुरानी है जो तत्कालीन सरकार के सामने भी उठ चुकी है लेकिन उन्हें तब पूरा नहीं किया था। अब यही मांगें कमलनाथ सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही है|  इसमें मंत्रालयीन आवासीय प्रोजेक्ट के लिए कान्हासैया में आवास निगम को आवंटित भूमि का मुद्दा भी शामिल है।  इन कर्मचारियों का कहना है कि सालों से जमीन को लेकर दिखाए सपने अभी तक पूरे नही हुए हैं और कब तक इंतजार करना होगा। संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने इस जमीन के भू-भाटक में 20 फीसदी की छूट देने की मांग मुख्यमंत्री से की है।

 जिन मांगों को लेकर ज्ञापन दिया गया है, इसमें मंत्रालय सहायक ग्रेड-2 व 3 को शिक्षकों के समान वेतन देने, पदोन्नति प्रक्रिया चालू करने, अनुभाग अधिकारी, निज सचिव का ग्रेड-पे 5400 करने, भृत्य का पदनाम बदलने, चतृर्थ श्रेणी से लिया जाने वाला वृत्तिकर माफ करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग शामिल हैं, । इनमें से लगभग सभी मांगें तत्कालीन सरकार के समय से लंबित हैं। कर्मचारी पूर्व में इन मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। तब भी सुनवाई नहीं हुई थी। अब मौजूदा सरकार पर इन मांगों को पूरा करने के दबाव बनाए जा रहे हैं।

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