सीएम के आदेश के बाद भी थमे हैं यात्री बसों के पहिए, इन मांगों पर अड़ा बस ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन

लो-फ्लोर बसों

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj singh chauhan) ने भले ही प्रदेश में पूरी क्षमता के साथ यात्री बसों (Bus) के संचालन को मंजूरी दे दी है, बावजूद इसके भोपाल समेत पूरे प्रदेश भर में अभी भी यात्री बसों के पहिए थमे हुए हैं और बस ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (Bus Transport Association) हड़ताल (Strick) पर है। उनकी मांग है कि कोरोना काल में बसों पर लगाए गए रोड टैक्स (Road Tax) को माफ किया जाए, साथ ही यात्री बसों का किराया 50 फीसदी तक बढ़ाया जाए।

दरअसल मुख्यमंत्री ने 20 अगस्त से सभी यात्री बसों को पूरी क्षमता के साथ चालू करने के निर्देश दिए थे लेकिन ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर है, जिसके कारण प्रदेश में अभी तक बसों का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। बस संचालकों ने कोरोना काल में लगाए गए 420 करोड़ के टैक्स को माफ करने की मांग की है। साथ ही बस का किराया 50 फीसदी बढ़ाने की भी मांग बस संचालक कर रहे हैं।

बस ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की हड़ताल के चलते पूरे प्रदेश भर की करीब 35 हज़ार बसों के पहिए थमे हुए हैं। एसोसिएशन की इस हड़ताल से आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ यात्री ऐसे हैं, जिन्हें भोपाल से बाहर जाना है, लेकिन बसें बंद होने के चलते वो काफी परेशान हो रहे हैं।

बता दें कि, कोरोना वायरस के चलते पिछले कुछ महीनों में यात्री बसों समेत ट्रांसपोर्टेशन बंद था। लेकिन अनलॉक होने के बाद अब ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अपनी मांगों को लेकर यात्री बसें चलाने से इनकार कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में 35 हजार से भी ज्यादा यात्री बसें हैं, वहीं भोपाल में 7 हजार से ज्यादा यात्री बसें संचालित होती हैं।