शिवराज का वार, मप्र को मदिरा प्रदेश न बनाये सरकार

भोपाल| मध्य प्रदेश में सरकार के फैसलों को लेकर विपक्ष की तीखी प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं| मामला आंगनवाड़ी में अंडा परोसने को लेकर हो या विधान परिषद के गठन, नगर निगम के बंटवारे, या महापौर चुनाव में बदलाव का, हर मोर्चे पर विपक्षी नेताओं ने कड़ा विरोध  जताया है | अब पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ सरकार की नई आबकारी नीति का विरोध किया है| पूर्व सीएम ने सीएम कमलनाथ पर निशाना साधते हुए कहा प्रदेश को मदिरा प्रदेश न बनाएं|

पूर्व सीएम शिवराज ने कहा हमारे समय मे भी आबकारी के कई प्रस्ताव आते थे पर हमने सहमति नही दी| नर्मदा के 5 किलोमीटर में जो दुकाने आती थी उन्हें बन्द किया, सरकार के शराब नीति को लेकर अपने अपने तर्क है| ‘मध्य प्रदेश को मदिरा प्रदेश ना बनाएं हमारी सरकार में हमने प्रयास किए की शराब की दुकान ना बढ़ें, धीरे-धीरे हमने उन्हें कम करने की कोशिश की। सिर्फ राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार अपराध बढ़ाने का काम कर रही है| 

विकास नहीं विनाश की तरफ जाएगा प्रदेश 

शराब की दुकानों में आहता खोलने पर उन्होंने कहा सरकार का अजीब तर्क है कि जो लोग खड़े होकर पीते थे उन्हें बैठा कर पिलायेंगे| अब बार देर रात तक खुलेंगे जिससे अपराध बढ़ेगा, क्या रेवेन्यू बढ़ाने के लिए अपराध बढ़ाएंगे, शराब को लेकर सरकार का फैसला प्रदेश को विकास की तरफ नही विनाश की तरफ ले जाएगा और हम इसका विरोध करेंगे|  


सरकार को दी बधाई 

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मप्र के स्थापना दिवस की परंपरा हमने शुरू की। हमने मप्र गीत बनाया, हमारा मकसद प्रदेश के लोगों को जोड़ना था। इस सरकार को भी बधाई कि उन्होंने इस परंपरा को जारी रखा| इस तरह के कार्यक्रम तमाम राजनीति से अलग हटकर मनाने चाहिए| सरकार आती जाती है प्रदेश सदैव रहेगा, सकारात्मक कार्यो में सहयोग और गड़बड़ करने पर विरोध हम करेंगे| 

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