कांग्रेस को इस सीट पर मिली संजीवनी, बागियों की हुई घर वापसी

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भोपाल/खरगोन। लोकसभा चुनाव में टिकट घोषणा के बाद अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों का विरोध झेल रहे कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. गोविंद मुजाल्दा के लिए गुरुवार का दिन राहत भरा रहा। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर बतौर निर्दलीय भगवानपुरा विधानसभा से चुनावी रण में ताल ठोंकने वाले विधायक केदार डावर की कांग्रेस में अधिकृत तौर पर उनके 6 अन्य वरिष्ठ समर्थकों के साथ वापसी हो गई है। इनकी वापसी से डॉ. मुजाल्दा सहित पार्टी को बल मिलने की संभावनाएं जताई जा रह�� है। विधानसभा चुनाव में उन्हें 73 हजार 758 वोट मिले थे। इसी ताकत के चलते 6 साल के लिए निष्कासित किए जाने के बावजूद महज 3 महिने में ही लोकसभा चुनाव में भाजपा के सामने मजबूती से चुनाव लडऩे के लिए कांग्रेस से जोड़ा गया है। विधायक डावर के साथ ही निर्दलीय चुनाव लडऩे एवं उनके साथ काम करने वाले वरिष्ठ नेता बोंदरसिंह मंडलोई, शांतिलाल पाटीदार, देवनारायण ठाकुर, रेवाराम पाटीदार, गणपति पटेल, गंगाराम सोलंकी की केंद्रीय संभागीय पर्यवेक्षक मथुरादत्त जोशी, लोकसभा पर्यवेक्षक हिम्मतसिंह पटेल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं विधायक झूमा सोलंकी, खरगोन विधायक रवि जोशी, बड़वानी जिलाध्यक्ष वीरेंद्र दरबार की मौजूदगी में घर वापसी हुई।

जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एवं भीकनगांव विधायक झूमा सोलंकी ने शाम को डायवर्सन रोड़ स्थित लोकसभा चुनाव कार्यालय पर प्रेसवार्ता आयोजित कर इन सभी की वापसी का आदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर विधानसभा चुनाव 2018 में निष्कासित किए गए विधायक डावर सहित अन्य नेताओं का निष्कासन रद्द करते हुएउन्हें कांग्रेस में शामिल किया गया है। कांग्रेस में वापसी पर विधायक डावर ने कहा कि मैं जन्मजात कांग्रेसी हूं। मैंने कांग्रेस में रह कर पार्टी के साथ कभी विश्वासघात नहीं किया, बल्कि मैंने खुली लड़ाई लड़ी है। कांग्रेस मेरी रग में बसी हुई है, जिसके लिए मैं जीवन पर्यंत सेवा करूंगा। जिले में कांग्रेस के पक्ष में माहौल है और मेरे साथ सभी कार्यकर्ता लोकसभा के उम्मीदवार डॉ. गोविंद मुजाल्दा के समर्थन में जी जान लगा कर विजयी दिलाएंगे। बड़वानी जिलाध्यक्ष दरबार ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी और खरगोन जिला कांग्रेस कमेटी के प्रयासों से बिखरे परिवार को इकट्ठा करने में अहम भूमिका निभाई है। इसके लिए जिला कांग्रेस कमेटी साधुवाद की पात्र है। हालांकि कई नेताओं के हाव.भाव चर्चा का विषय रहे।