फर्जी जाती प्रमाण पत्र और मूल निवासी बनाने वाला गिरोह का पर्दाफाश, 3 आरोपी गिरफ्तार

भोपाल। क्राइम ब्रांच ने फ र्जी जाति प्रमाण पत्र, मूल निवासी प्रमाण पत्र और गुमाश्ता लायसेंस समेत अन्य दस्तावेज तैयार कर लोगों के साथ ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफ ाश किया है।मामले में सरगना समेत तीन पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। उनके पास से बड़ी मात्रा में तैयार दस्तावेज और विभिन्न विभागों की सीलें बरामद की गई हैं। पुलिस का अनुमान है कि आरोपी अब तक सैकड़ो लोगोंं को ठग चुके हैं। क्राइम ब्रांच की टीम आरोपियों से पूछताछ में जुटी है।

एएसपी निश्चल झारिया के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी शैफ खान और उसके साथियों द्वारा अशिक्षित एवं बेरोजगार लोगों से पैसे लेकर फर्जी तरीके से प्रमाम पत्र दिए जा रहे हैं। इसके लिए मोटी रकम वसूली जाती है। इस सूचना की तस्दीक के लिए क्राइम ब्रांच के अफ सरों ने एक आरक्षक को पैसे देकर लिली टाकीज चौराहे पर शैफ खान के पास जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भेजा। शैफ खान ने बताए हुए नाम और पते के आधार पर जन्म प्रमाण पत्र बनाकर दीपावली के बाद देने की बात कही। सूचना सही पाए जाने पर क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। उसके बैग की तलाशी लेने पर तीन फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, दो गुमाश्ता लायसेंस, तीन रबर की सील और अन्य दस्तावेज मिले। पूछताछ के दौरान उसने बाकी सामान अपने घर पर रखा होने तथा दो अन्य साथियों शशांक पोतदार और सुनील कुमार के साथ मिलकर उक्त कागजात तैयार करना बताया। इस पर पुलिस ने उसके साथियों को भी दबोच लिया। सैफ के घर की तलाशी लेने पर पांच फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, शासकीय और न्यायालयीन दस्तावेज तथा 32 नगर रबर की अलग-अलग सील बरामद हुईं। इसके साथ ही सुनील और शशांक से अपराध में प्रयुक्त क प्यूटर, प्रिंटर, लैपटाप, सील बनाने की मशीन आदि सामान जब्त कर आरोपियों को गिर तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान सैैफ खान ने बताया कि वह खुद ही ग्राहकों की तलाश करता था और प्रमाण पत्र के रेट बताता था। ग्राहक के तैयार होने पर वह चार-पांच दिनों का समय लेता था। इसका कारण वह बताता था कि अधिकारियों के मिलने के बाद ही प्रमाण पत्र पर सील लग पाती है। इसके बाद वह ग्राहक द्वारा बताए गए नाम-पते के आधार पर अपने साथियों से प्रमाण पत्र तैयार करवाकर अपने पास रख लेता था। जिन लोगों को प्रमाण पत्र की तुरंत आवश्यकता होती थी, वह ऐसे लोगों से दस से पंद्रह हजार रुपये तक वसूल करता था। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर आगे पूछताछ करेगी।

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