कंट्रोल रूम बनाकर सरकार करेगी किसान ऋण गड़बड़ी की जांच

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भोपाल। मध्य प्रदेश में किसान ऋण माफी योजना में कई जिलों से शिकायतें मिल रही हैं। जो लिस्ट लगाई जा रही उसमें कई नाम तो ऐसे हैं जिन्होंने कभी लोन नहीं लिया। कुछ के नाम पर कई गुना ऋण दर्शाया गया है। इसे लकेर सियासी बवाल मचा हुआ है। अब सरकार ने पूरे मामले में संज्ञान लेते हुए शिकायतों की जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए हर जिले में कंट्रोल रुम बनाया जाएगा। रोजाना मिलने वाली शिकायतों की रिपोर्ट सहकारिता आयुक्त को प्रति दिन सौंपी जाएगी। इस संबंध में प्रभारी मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं। 

आदेशानुसार किसानों के कर्ज माफी के मामले में आ रही शिकायातों की जांच राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा की जाएगी। इसके लिए एक पैनल तैयार किया जाएगा जो जांच करेगा। फर्जीवाड़े और गड़बड़ी संबंधित शिकायतों की जानकारी दो दिन में पैनल द्वारा दी जाएगी। प्रभारी मुख्य सचिव ने इस संबंध में सभी कलेक्टरों को आदेस जारी कंट्रोल रुम बनाने के लिए कहा गया है। किसानो को दिए हुए ऋणों में अनियमितताओं पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विदेश से ही सख्त तेवर दिखाए हैं। उन्होंने सहकारिता प्रमुख सचिव को इस मामले में संज्ञान लेने के निर्देश दिए। सीएम के निर्देश पर प्रमुख सचिव ने बैठक बुलाई। उन्होंने कहा कि आपत्तियों को हल करने के लिए हर जिले में कंट्रोल रूम बनाकर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। 

हर ज़िले में कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे और सारी शिकायतों की जांच की जाएगी। कलेक्टर राजस्व, कृषि, सहकारिता विभाग के अफसरों का जांच पैनल तैयार करेंगे। कंट्रोल रूम के टेलिफोन नंबर जारी किए जाएंगे, जिसमें लोग अपनी शिकायत या आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। सहकारिता विभाग को सीधे भी जानकारी दी जा सकेगी। हर मामले की जांच 10 दिन में पूरी कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी. प्रदेश में अब तक ग्वालियर, झाबुआ, खरगोन, सागर, छतरपुर, जबलपुर, सिवनी, सीधी और सतना में गड़बड़ी की शिकायतें मिली हैं।