सख्त पुलिस अफसर, नर्म दिल इंसान हैं ऋषि कुमार शुक्ला

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भोपाल। दिव्या गोयल। 

केंद्रीय जांच ब्यूरो के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना से विवाद के बाद आलोक वर्मा को सीबीआई के प्रमुख के पद से हटाए जाने के 20 दिन बाद शनिवार को मध्य प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला को सीबीआई का नया प्रमुख नियुक्त किया गया। 

सीबीआई प्रमुख का नाम तय करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय चयन समिति की बैठक के अगले दिन शुक्ला को दो वर्ष के कार्यकाल के लिए सीबीआई प्रमुख चुना गया। सीबीआई प्रमुख चुनने के लिए समिति पिछले नौ दिनों में दो बार बैठक कर चुकी है। एक अधिकारिक अधिसूचना के अनुसार समिति की अनुशंसा वाले पैनल के आधार पर दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 के अनुच्छेद 4ए (1) के आधार पर गठित कैबिनेट की चयन समिति ने ऋषि कुमार शुक्ला को दो वर्ष के लिए सीबीआई के निदेशक के तौर पर चुना। 

मध्य प्रदेश में भाजाप सरकार में डीजीपी रहे शुक्ला (59) इस समय पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के प्रमुख थे। उन्हें सीबीआई में काम करने का तो कोई अनुभव नहीं है, मगर इंटेलीजेंस ब्यूरो में काम कर चुके हैं। ऋषि कुमार शुक्ला को मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार के मुखिया कमलनाथ ने पांच दिन पहले 29 जनवरी को डीजीपी पद से हटाया था। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के करीबी माने जाते हैं। शुक्ला अगस्त, 2020 में सेवानिवृत्त हो जाते, लेकिन सीबीआई प्रमुख बनने के बाद उनका कार्यकाल फरवरी, 2021 में खत्म होगा। शुक्ला मध्य प्रदेश के डीजीपी के तौर पर 30, जून 2016 को चुने गए थे। इस पद पर वह 29 जनवरी 2019 तक रहे। 

अविभाजित मध्य प्रदेश के रायपुर में हुई थी पहली पोस्टिंग

ऋषि कुमार शुक्ला मूल रूप से ग्वालियर के रहने वाले हैं. सीबीआई में उनका कार्यकाल 31 अगस्त 2020 तक है. शुक्ला को मेहनती, ईमानदार और बेदाग छवि का अफसर माना जाता है| बीकॉम तक पढ़ाई करने के बाद 1983 में वे भारतीय पुलिस सेवा में आए थे| उनका जन्म 23 अगस्त 1960 में हुआ था. प्रशिक्षण के बाद शुक्ला की पहली पद स्थापना 1985 में अविभाजित मध्य प्रदेश के रायपुर जिले में सीएसपी के तौर पर की गई थी. उसके बाद वे एएसपी शिवपुरी बनाए गए थे. वर्ष 1987 में उन्हें जिले की कमान सौंपी गई थी. एसपी के तौर पर उनकी पहली पद स्थापना दमोह जिले में की गई थी. उसके बाद वे एसपी शिवपुरी, एसपी मंदसौर और एसपी पीटीएस इंदौर रहे हैं|

शुक्ला वर्ष 1992 से 1996 तक केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर थे| लौटने के बाद उन्हें एआईजी प्रशासन और डीआईजी सुरक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी| वर्ष 2004 में वे एक बार फिर प्रतिनियुक्ति में चले गए थे और 2007 में वापस आए थे. प्रतिनियुक्ति के दौरान वे सीबीआई में पदस्थ थे| उनकी पदस्थापना भोपाल में आईजी सीबीआई के तौर पर थी| प्रदेश वापसी के बाद आईजी एसएएफ भोपाल, आईजी सुरक्षा और आईजी एसटीएफ के पद पर रहे हैं. उसके बाद एडीजी रेल, एडीजी इंटेलीजेंस, एडीजी एसएएफ, डीजी होमगार्ड और अध्यक्ष पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के पद पर पदस्थ रहे हैं. वर्ष 2009 से 2012 तक वे एडीजी इंटेलीजेंस के पद पर रहे हैं|  उन्हें जून 2016 में प्रदेश का डीजीपी बनाया गया था और उन्होंने डीजीपी सुरेंद्र सिंह के रिटायरमेंट के बाद यह कार्यभार संभाला था. इससे पहले वे मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन में चेयरमैन के पद पर कार्य कर रहे थे| वरिष्ठता, अनुभव और काबिलियत को देखते हुए ऋषि कुमार शुक्ला को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है, अब तक के कार्यकाल में वे अपने काम के साथ न्याय करते आये हैं आगे भी उनके सामने चुनौती होंगी, जिनसे निपटने में शुक्ल माहिर हैं|