हज़ारों साल मेहनत भी करें तो नहीं बना पाएंगे हिन्दू राष्ट्र : पूर्व आईएएस सिंथिल

भोपाल। यह हिन्दुस्तान है और हमेशा इसका नाम यही रहेगा, यहां की सर्वधर्म सद्भावना की इबारत न कोई डिगा पाया है और न ही कोइ गंदी सियासत इसका कुछ बिगाड़ पाएगी। हिन्दू राष्ट्र बनाने की कोरी कल्पना करने वालों को जान लेना चाहिए कि उनके नापाक इरादे कभी पूरे नहीं हो पाएंगे। अपनी मंशाओं को पूरा करने के लिए देश को एक और आजादी की लड़ाई में झोंक देने वालों को याद रखना चाहिए कि सत्ता चंद बरसों की होती है, उसके बाद सबको यहां से जाना पड़ता है, जो कल थे, वे भी गए और जो आज हैं, उनके जाने के दिन भी नजदीक हैं।

नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में डिप्टी कमिश्रर पद से इस्तीफा देने वाले कर्नाटक के आईएएस शशिकांत सिंधिल गुरूवार को राजधानी भोपाल के इकबाल मैदान पर जारी सत्याग्रह में पहुंचे थे। उन्होंने कानून बदलाव को सिरे से नकारते हुए इसे देश के लिए काला अध्याया करार दिया। उन्होंने कहा कि अब भारत की जनता फिर से आजादी की लड़ाई लड़ रही है। देश मे छात्रों और जनता के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार नित नए-नए हिंसात्मक प्रयोग कर रही है। चाहे वह जामिया हो जेएनयू हो या एएमयू या बीजेपी शाषित प्रदेश हो, वहां हिंसात्मक बर्बरता जोरों पर है, जो दिखा रही कि सरकार आंदोलनों से किस तरह डरी हुई है। सिंथिल ने कहा कि मगर छात्र संगठन और जन संगठन के साथ देश की जनता हिंसा का जवाब अहिंसा से दे रही है। उन्होंने कहा कि वे पूरे भारत में जन विरोधी, संविधान विरोधी कानून के विरोध में हो रहे आंदोलनों के समर्थन करने के लिए निकले हैं।

सत्याग्रह पर परमिशन का ग्रहण

करीब 9 दिन से चल रहे शांतिपूर्ण सत्याग्रह को अब पुलिस प्रशासन शहर की यातायात व्यवस्था बिगाडऩे और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाला दिखाई देने लगा है। कानूनी तरीके से अनुमति लेकर किए जा रहे इस सत्याग्रह पर अचानक परमिशन निरस्तीकरण की गाज गिरने के हालात बन गए हैं। गुरूवार को इसके आयोजकों की सत्याग्रह निरंतर रखने की अर्जी को थाना तलैया ने निरस्त कर दिया है। आगे अनुमति जारी न रखने की बात कहते हुए कहा गया है कि सत्याग्रह के कारण शहर के व्यस्तम मार्ग का यातायात बाधित हो रहा है। साथ ही यहां होने वाले वक्तव्य और भाषणों से क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण के हालात भी बन रहे हैं। इसके विपरीत सत्याग्रह संचालित करने वाले युवाओं ने अपना आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर दिया है। उनका मानना है कि केन्द्र की भाजपा सरकार के अत्याचार का विरोध कर रहे लोगों का दमन कर प्रदेश की कांग्रेस सरकार क्या संदेश देना चाहती है, यह समझ से परे है। हरदिन यहां जुट रहे युवाओं ने इस सत्याग्रह को निरंतर रखने का मन बनाया है। साथ ही वे इस बात पर भी अडिग नजर आ रहे हैं कि इस गुनाह के लिए यदि उनकी गिरफ्तारी भी की जाती है तो वे जेल जाने के लिए तैयार हैं।

हरदिन सजते हैं पांडाल, रोजाना होता है जाम

शहर का तारीखी इकबाल मैदान हरदिन साहित्यिक, सामाजिक, सियासी और अन्य कार्यक्रमों से सजा रहता है। पिछले दिनों यहां जैन समाज का एक बड़ा समागम चल रहा था, इसके हटने से पहले नगर निगम के एक आयोजन के लिए डोम लगना शुरू हो गया है। इसके अलावा यहां आए दिनों फिल्मों की शूटिंग भी चलती रहती है। पुराने और नए शहर तथा यहां के विभिन्न बाजारों की पहुंच वाला यह मार्ग वाहनों की आवाजाही से हमेशा सजा रहता है। सड़क के संकरेपन की वजह से यहां हरदिन सुबह से लेकर शाम तक जाम के हालात पसरे ही रहते हैं। ऐसे में न तो पुलिस प्रशासन और न ही जिला प्रशासन द्वारा कभी कोई आपत्ति नहीं उठाई जाती है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से इकबाल मैदान के एक कोने में शांतिपूर्ण चलाए जा रहे सत्याग्रह में जुटने वाले चंद युवा, बुजुर्ग, महिलाओं आदि से यहां यातायात समस्या भी दिखाई देने लगी है और धीमी आवाज में बजते लाउड स्पीकर को ध्वनि प्रदूषण का कारण भी माना जाने लगा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री और कई राजनीतिक दलों द्वारा शहर के व्यस्तम बाजारों और सड़कों पर किए जाने वाले आयोजन को किसी परेशानी का सबब न मानकर उन्हें दी जाने वाली अनुमति पर यह असहमति नागवार गुजरती नजर आने लगी है। शहर के लोगों का कहना है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार व्याप्त है, ऐसे में केन्द्र की भाजपा सरकार के एक फैसले का विरोध करना भी गुनाह और पाबंदी आयद करने वाला हो गया है।