पूर्व मंत्री ने की राज्य सरकार से खाद पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग

भोपाल। मध्य प्रदेश में यूरिया खाद को लेकर मचे घमासान के बीच पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक नरोत्तम मिश्रा ने राज्य सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। उन्होंने का है कि खरीफ की फसल के बाद अब रबी की फसल सरकार के कुप्रबंधन की भेंट चढ़ रही है। इसलिए प्रदेश सरकार खाद की उपलब्धता को लेकर जिलेवार श्वेत पत्र जारी करें। 

मंगलवार का मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा प्रदेश सरकार पर जमकर बरसें। उन्होंने कहा कि आज मध्य प्रदेश के सबसे ज्यादा बुरा हाल अगर किसी का है, तो वह किसानों का है। किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे है। जो पहली फसल थी वह बाढ़, अतिवृष्टि के बाद सरकार के कुप्रबंधन की भेंट चढ़ गई। कोई मुआवजा ही नहीं दिया गया और केन्द्र का रोना प्रारंभ कर दिया। दूसरी फसल आई तो फिर मप्र सरकार के कुप्रबंधन के चलते खाद के कारण फसल खराब हो रही है। नरोत्तम मिश्रा ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि आधी से कम फसल पैदा होने की स्थिति में किसान आ गया है लेकिन कोई सुनने वाला ही नहीं है। हमारी मांग है कि खाद के उपर एक श्वेत पत्र जारी हो। जिससे यह पता चल सकें कि किस जिले में कितनी उपलब्घता है और कितनी डिमांड है।  उन्होंने जामखोरों को सरकारी संरक्षण का आरोप लगाते हुए कहा कि ब्लैक में ट्रक के ट्रक आ जाऐंगे भरे हुए, लेकिन किसान को खाद नहीं मिल रही। इसका मतलब स्पष्ट है कि खाद तो है लेकिन मिल नहीं रही है क्योंकि जमाखोरों का सरकारी तंत्र की ओर से संरक्षण हो रहा है। इसलिए तत्काल इस पर श्वेत पत्र जारी करें, प्रदेश सरकार ऐसी मैं मांग करता हूं।