मोदी की आंधी में ढहे दिग्गजों के किले, इन नेताओं को मिली सबसे बड़ी हार

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भोपाल। हिंदुस्तान के आम चुनावों के दौरान मोदी की सुनामी में कांग्रेस दिग्गजों के किले ताश के पत्तों जैसे बिखर गए| मोदी की आंधी में पार्टी के सबसे बड़े नेता राहुल गांधी भी अपना घर नहीं बचा सके, खुद राहुल गांधी के किचन कैबिनेट मेंबर ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्विजय सिंह, मीनाक्षी नटराजन सरीखे दिग्गज एमपी में अपनी सीट नहीं बचा सके| सैफरॉन आंधी ऐसी चली की बड़े बड़े कांग्रेसी दिग्गज पहली बार चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के मुकाबले लाखों वोटों के अंतर से हार गए…हालांकि मध्यप्रदेश में मोदी लहर के असर से सिर्फ छिंदवाड़ा सीट ही बची रही|

पूरे देश की तरह मध्यप्रदेश में भी जमकर मोदी मैजिक चला है| इस मोदी मैजिक में विपक्षी साफ़ हो गए हैं| बीजेपी ने एमपी में क्लीन स्वीप किया है| बीजेपी के क्लीन स्वीप में कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेताओं को बुरी हार का सामना करना पड़ा है| गुना शिवपुरी से ज्योतिरादित्य सिंधिया, भोपाल से दिग्विजय सिंह, खंडवा से अरुण यादव,सीधी से अजय सिंह, मंदसौर से मीनाक्षी नटराजन सरीखे दिग्गजों को मोदी के मैजिक के चलते जमीन देखनी पड़ गई| इन दिग्गजों के सामने ऐसे भी प्रत्याशी थे जो पहली बार चुनाव लड़ रहे थे| कांग्रेस इन प्रत्याशियों को मुकाबले में भी नहीं मान रही थी| लेकिन भगवे की लहर ऐसी चली की सियासत में नए नवेले प्रत्याशियों न��� बड़े दिग्गजों के किलों को ही ढ़हा दिया…

ज्योतिरादित्य सिंधिया V/S केपी यादव…सिंधिया 1 लाख 25 हजार 549 वोटों से हारे… 

दिग्विजय सिंह V/S साध्वी प्रज्ञा…दिग्विजय 3 लाख 64 हजार 822 वोटों से हारे…

विवेक तन्खा V/S राकेश सिंह…विवेक तन्खा 4 लाख 54 हजार 744 वोटों से हारे…

अरुण यादव V/S  नंदकुमार सिंह चौहान…अरुण यादव 2 लाख 73 हजार 343 वोटों से हारे

अजय सिंह V/S रीति पाठक…अजय सिंह 2 लाख 86 हजार 524 वोटों से हारे…

मीनाक्षी नटराजन V/S सुधीर गुप्ता…मीनाक्षी 3 लाख 76 हजार 734 वोटों से हारीं…

हालांकि देशभर के साथ ही मध्यप्रदेश में भी कांग्रेस की करारी शिकस्त का अंदाज़ा कांग्रेस को नहीं था| कांग्रेस को उम्मीद थी की मोदी लहर के बावजूद मध्यप्रदेश में पार्टी 10 सीट तो ज़रुर जीत जाएगी…लेकिन हुआ उल्टा| कांग्रेस सिर्फ एक सीट छिंदवाड़ा ही जीत सकी लेकिन वहां भी पार्टी की सांसे आखिरी राउंड तक अटकी ही रही…मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की परंपरागत सीट छिंदवाड़ा में उनके बेटे नकुलनाथ 37 हजार वोटों के साथ सबसे कम अंतर से जीतने वाले प्रत्याशी बने| बीजेपी का दावा है की हिंदुस्तान के 90 करोड़ वोटर्स से मजबूत  और ईमानदार सरकार को वोट किया है…न की झूठ बोलने और देश को बांटने वाली ताकतों को|


छह माह में दूसरी बार कई क्षत्रपों की हार

मध्यप्रदेश में कांग्रेस के कई क्षत्रपों की हार पिछले 6 महीने में दो बार हुई है| पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव विधानसभा चुनावों के बाद दूसरी बार 6 महीने के भीतर चुनाव हार चुके हैं| खिसकते जनाधार के बाद लगातार हार रहे कांग्रेस के दिग्गजों का सियासी कैरियर अब खत्म होता नज़र आ रहा है| देखना दिलचस्प होगा की खत्म होने के बाद फिर खड़ी हो जाने का इतिहास रखने वाली कांग्रेस पार्टी अगले चुनावों तक कैसे खुद को मोदी के मुकाबले खड़ा कर पाती है|