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नगरीय निकाय के पेंशनर्स को तोहफा, महंगाई राहत दर में वृद्धि, नवंबर से खाते में बढ़कर आएगी राशि

Written by:Atul Saxena
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नई दरें अक्टूबर 2024 से लागू होंगी, ऐसे में नवंबर से खाते में पेंशन बढ़कर आएगी। मप्र में पेंशनर्स की न्यूनतम पेंशन 7750 रुपए और अधिकतम 1 लाख 10 हजार रुपए तक है।
नगरीय निकाय के पेंशनर्स को तोहफा, महंगाई राहत दर में वृद्धि, नवंबर से खाते में बढ़कर आएगी राशि

Increase in dearness relief rate of pensioners: मध्य प्रदेश शासन के कर्मचारियों महंगाई भत्ता और पेंशनरों को महंगाई राहत में वृद्धि किये जाने बाद सरकार ने अब नगरीय निकायों के पेंशनर्स को भी तोहफा दिया है, शासन ने नगर निगम सहित अन्य नगरीय निकायों के पेंशनर्स को महंगाई राहत दर में वृद्धि का आदेश जारी किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप और नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्री कैलाश विजवर्गीय के निर्देश पर प्रदेश के नगरीय निकायों के पेंशनरों की मंहगाई राहत दर में बढ़ोत्तरी की गई है। इस संबंध में नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्त भरत यादव ने आदेश जारी किए है।

महंगाई राहत बढ़कर 50 प्रतिशत हुई 

प्रदेश में अब नगरीय निकायों के पेंशनरों को महंगाई राहत की दर में राज्य शासन के पेंशनरों के समान लाभ मिलेगा। छठवें वेतनमान में पेंशन पर 239 प्रतिशत तथा सातवें वेतनमान में पेंशन पर 50 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत स्वीकृत की गई है। यह आदेश मूल पेंशन व परिवार पेंशन दोनों पर लागू होगा। पेंशनरों को महंगाई राहत दर में वृद्धि एक अक्टूबर 2024 से स्वीकृत की गई है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी स्थानीय निकायों के कार्यालयों से प्राप्त की जा सकती है।

नवम्बर से खाते में आयेगी बढ़ी हुई राशि 

नई दरें अक्टूबर 2024 से लागू होंगी, ऐसे में नवंबर से खाते में पेंशन बढ़कर आएगी। मप्र में पेंशनर्स की न्यूनतम पेंशन 7750 रुपए और अधिकतम 1 लाख 10 हजार रुपए तक है। नगरीय निकाय के पेंशनर्स लंबे समय से महंगाई राहत में वृद्धि का इन्तजार कर रहे थे जिसे सरकार ने दिवाली पर पूरा कर दिया है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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