नेता प्रतिपक्ष की सीएम को चिट्ठी, पांच सप्ताह हो बजट सत्र की अवधी

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भोपाल। मध्‍य प्रदेश की 15वीं विधानसभा का 19 दिवसीय मानसून सत्र 8 जुलाई से शुरू होगा, ये 26 जुलाई तक चलेगा। 19 दिवसीय मानसून सत्र में सदन की कुल 15 बैठकें होंगी| यह अभी तक का सबसे छोटा बजट सत्र होगा| इसको लेकर विपक्ष ने सवाल उठाये हैं| नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को चिट्ठी लिखकर विधानसभा स्तर की अवधि बढ़ाने की मांग की है| बता दे कि विधानसभा में बजट सत्र ही ऐसा सत्र होता है जिसमें प्रदेश के जन हितेषी मुद्दों पर व्यापक चर्चा होती है। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही सरकार की खामियों को गिनाने का काम करते हैं।  8 से 26 जुलाई तक आहूत बजट सत्र में मात्र 15 बैठकें होंगी। इसमें भी पहला दिन श्रद्धांजलि में चला जाता है। कुल 14 बैठकों में सदस्य विभिन्न विभागों के बजटे पर चर्चा करेंगे या जनता के मुद्दों को उठाएंगे यह बड़ा सवाल है| 

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में गोपाल भार्गव ने बताया कि पूर्व में सम्पन्न हुए विधानसभा बजट सत्रों की समयावधि कम से कम पांच सप्ताह रखी जाती रही है| 2002 में 51 दिन, 2003 में 47 दिन, 2004 में 37 दिन, 2010 में 33 दिन, 2011 में 40 दिन, 2012 में 39 दिन, 2013 में 30 दिन, 2004 में 29 दिन, 2015 में 24 दिन, 2016 में 39 दिन, और 2017 में 22 दिन की समयावधि रही है| उन्होंने कहा कि पन्द्रवीं विधानसभा को गठित हुए छह माह की समयावधि पूर्ण हो चुकी है और इस दौरान प्रदेश में अनेक ज्वलंत समस्याएं उत्पन्न हो गई है, लेकिन स्तर बुलाकर चर्चा नहीं कराई गई| वहीं बजट सत्र की अवधि से प्रतीत होता है सरकार मात्र 15 दिवस में सभी शासकीय और अशासकीय कार्य निपटा लेना चाहते हैं, जो कि व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है| 

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस बजट स्तर की कार्यवाही की अवधी बढ़ाकर कम से कम पांच सप्ताह अर्थात 25 कार्य दिवस करने की मांग की है|