भोपाल। आगर, शाजापुर और उज्जैन जिले की रेत खदानों के लिए सरकार को ठेकेदार नहीं मिल रहे हैं। इन जिलों की खदानों के लिए सरकार तीसरी बार टेंडर जारी कर चुकी है। टेंडर जमा करने का शनिवार को आखिरी दिन है। इसके बाद भी अब तक एक भी टेंडर नहीं भरा गया है। खनिज विकास निगम के अधिकारियों का कहना है कि यदि शनिवार तक टेंडर नहीं भरे गए, तो इन जिलों के लिए एक बार और टेंडर जारी किए जाएंगे। इसके बाद भी निविदा नहीं आईं, तो तीनों जिलों की रेत खदानों का फिर से वैल्यूएशन कर अपसेट प्राइस नए सिरे से तय की जाएगी। 

उज्जैन में रेत की 82 खदानें, शाजापुर में 42 और आगर-मालवा में 15 खदानें हैं। उज्जैन की रेत खदानों की अपसेट प्राइस 2.5 करोड़, शाजापुर की 1.25 करोड़ और आगर-मालवा की अपसेट प्राइस 93.75 लाख है। इस तरह तीनों जिलों की कुल 139 रेत खदानों की अपसेट प्राइस 4.68 करोड़ रुपए रखी गई है। खनिज निगम ने अटूबर में प्रदेश के 43 जिलों की रेत खदानों के लिए ऑनलाइन टेंडर जारी किएथे। दिसंबर में इनमें से 36 जिलों की रेत खदानों की नीलामी से सरकार को 1234 करोड़ रुपए के राजस्व की प्राप्ति हुई है। 

शिकायत की वजह से पन्ना जिले को होल्ड पर रख दिया गया था। एक भी टेंडर जमा नहीं होने के कारण छह जिलों की रेता खदानों के लिए दोबारा टेंडर जारी किए गए थे। इन छह जिलों में 242 रेत खदानों की नीलामी की अपसेट प्राइस 31 करोड़ 37 लाख 50 हजार रुपए रखी गई थी। इनमें से तीन जिलों की टेनिकल बिड 27 दिसंबर को खाली गई थीं। शहडोल जिले के लिए 6, गुना के लिए 5 और राजगढ़ के लिए ६ निविदाएं भरी गई हैं। इन तीनों जिलों की फायनेंशियल बिड शनिवार को खाली जाएंगी। शहडोल जिले की रेत खदानों की अपसेट प्राइस 25 करोड़ रुपए, गुना की 1.25 करोड़ और राजगढ़ की खदानों की अपसेट प्राइस 43.75 लाख रुपए है। आगर, शाजापुर और उज्जैन जिले की रेत खदानों के लिए एक भी टेंडर जमा नहीं होने के कारण तीसरी बार टेंडर जारी किए गए थे। प्रदेश में कुल 1837 रेत खदानें हैं। इनमें से 400 खदानें इसी साल चिन्हित की गई हैं।