सरकार का आदेश हवा में, अब भी चुनावी कार्यों में लगे हुए है शिक्षक, स्कूलों में पढ़ाई ठप्प

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भोपाल।

बीते दिनों शिक्षा के  कमलनाथ सरकार ने शिक्षकों को निर्वाचन कार्य से मुक्त रखने के आदेश जारी किए थे। लेकिन इस आदेश का पालन अब तक नही हुआ है। अभी भी शिक्षक चुनावी कार्य में लगे हुए हैं।जिसके चलते स्कूलों में छात्रा-छात्राएं परेशान हो रहे है और शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से ठप्प होती नजर आ रही है, जबकी अगले महिने से बोर्ड की परीक्षाएं शुरु होने जा रही है।वही शिक्षकों का कहना है कि अब तक कार्यमुक्त नहीं किया गया है। फील्ड पर जाकर चुनाव कार्य निपटा रहे हैं तो स्कूलों में कोर्स भी पूरा करवा रहे हैं।ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सरकार के आदेश का कोई महत्व नही। क्या आदेशों का पालन सिर्फ कागजों पर किया जा रहा है।

दरअसल,  जब जब चुनाव आते है शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी जाती है, जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ता है और नतीजे प्रभावित होते है। बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए बीते महिने मध्य प्रदेश राज्य शिक्षा केंद्र ने शिक्षकों को निर्वाचन कार्य से मुक्त रखने का आदेश जारी किए थे, जिसमें कहा गया था कि निर्वाचन कार्य में शिक्षकों का उपयोग नहीं किया जाएगा। लेकिन आदेश को जारी हुए भले ही एक महिने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अबतक इसका पालन नही हुआ है।अब भी शिक्षक चुनाव कार्यों में जुटे हुए है, जिसके कारण स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। 

अकेले राजधानी भोपाल में चुनाव कार्यों को पूरा करने के लिए 2 हजार शिक्षकों की मदद ली जा रही है। उनके चुनाव कार्य में लगे होने से शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहा है। स्कूल में एग्जाम का समय है ऐसा में छात्रों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो गई है। शिक्षकों को कार्यमुक्ति के आदेश अभी तक नहीं मिले हैं। चुनावी कार्य के चलते बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियां पूरी तरह से ठप पड़ गई है।स्कूल के साथ ही बीएलओ की जिम्मेदारी भी शिक्षक निभा रहे हैं, वहीं स्कूलों में बोर्ड परीक्षाओं और एग्जाम्स की तैयारी के लिए कोर्स भी पूरा करवाना है। 

शिक्षकों का कहना है कि अब तक कार्यमुक्त नहीं किया गया है। फील्ड पर जाकर चुनाव कार्य निपटा रहे हैं तो स्कूलों में कोर्स भी पूरा करवा रहे हैं। 10 दिनों के बाद फिर से घर-घर जाकर वोटर कार्ड बांटने के साथ ही वोटर स्लिप भी पहुंचाने का कार्य करना होगा, वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चुनाव से शिक्षकों की कार्यमुक्ति के आदेश अभी प्राप्त नहीं हुए हैं, जिसके चलते टीचर्स को बीएलओ कार्य तो करना ही होगा।

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