नए साल में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में बड़ा बदलाव लाएगी सरकार

भोपाल। प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य की मौजूदा व्यवस्था में बड़ा बदलाव मुख्यमंत्री कमलनाथ करने वाले हैं| नए साल में इसका असर भी दिखेगा इसके लिए वे विभागीय अधिकारियों को पहले ही निर्देशित कर चुके हैं। मुख्यमंत्री की मंशानुसार विभागों में काम भी शुरू कर दिया है। नए शिक्षा सत्र से सरकारी स्कूलों में नई शैक्षणिक व्यवस्था देखने को मिलेगी,जो शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने वाली होगी। इसी तरह साल भर के भीतर सरकारी अस्पतालों में भी हर तरह के इलाज की समुचित व्यवस्था लागू हो जाएगी। 

मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्कूल शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग में डेढ़ महीने पहले राजधानी भेापाल में शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने की दिशा में विशेषज्ञों का सम्मेलन करा चुके हैं। इनमें जो सुझव आए उन पर विभाग अमल करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसी दौरान मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था कि शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग  पर पहले इतना ध्यान नहीं दिया गया था, जितना दिया जाना था। मुख्यमंत्री ने दोनों विभागों को अपनी प्राथमिकता वाले विभागों में शामिल कर दिया है। यही वजह है कि दोनों विभागों में व्यवस्था सुधारने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री ने अफसरों को व्यवस्था सुधारने के लिए फ्रीहैंड दे दिया है। मुख्यमंत्री चाहते हैं कि साल भर के भीतर शिक्षा और स्वास्थ्य के मामले में मप्र का नाम भी बेहतर राज्यों में शामिल हो। 

खुद कर रहे समीक्षा 

मुख्यमंत्री कमलनाथ दोनों विभागों की खुद समीक्षा कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि जिला अस्पतालों में हर तरह की सुविधा मुहैया कराई जाए। डॉक्टरों की कमी पूरा करने की दिशा में भी कई तरह के प्रयास जारी है। हाल ही में दवा खरीदी की पुरानी व्यवस्था में लागू करके नई व्यवस्था लागू की गई है। 

40 दवा कंपनियों को किया टर्मिनेट

राज्य सरकार को दवा सप्लाई करने वाली 40 कंपनियों को एक साल के भीतर टर्मिनेट किया गया है। ये कंपनियों पिछले कई सालों से स्वास्थ्य विभाग को दवा की सप्लाई कर रही थीं। इनके सैंपलों की जांच में पता चला कि दवा मानक गुणवत्ताओं पर खरी नहीं उतर रही हैं। साथ अन्य तरह की विसंगतियां भी कंपनियों द्वारा की जा रही हैं। 


सीएम के सामने स्क्रीन पर योजनाओं के नाम

मंत्रालय में मुख्यमंत्री के कक्ष में बड़ी स्क्रीन लगी है। जिस पर सीएम की प्राथमिकता वाली योजनाएं और बड़े प्रोजेक्ट के नाम चलते हैं। साथ ही योजनाएं एवं प्रोजेक्ट की टाइम लिमिट की जानकारी भी स्क्रीन पर हाईलाइट्स होती है।