शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति पर पुनर्विचार करेगी सरकार, संघ ने शुरू किया विरोध

भोपाल। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के जिन 16 शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है। उस मामले में पुनर्विचार किया जाएगा। बुधवार को शिक्षक संघों की मंत्रालय में हुई बैठक के दौरान विभाग प्रमुख सचिव रश्मि अरूण शमी ने यह भरोसा दिया है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि जिन अफसरों ने गलत जानकारी दी, उन्हें भी नहीं छोड़ा जाएगा।बता दें कि विभाग ने 30 प्रतिशत से कम रिजल्ट लाने पर कराई गई परीक्षा में असफल 16 शिक्षकों को इसी सप्ताह अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी थी। इस कार्यवाही के विरोध में शिक्षक संघों ने प्रदेश भर में विरोध शुरू किया था।

सोमवार को राज्य शिक्षक संघ ने प्रदेश में सेवानिवृत्ति आदेश की प्रतियां जलाई थीं। तब अगले ही दिन मंगलवार को विभाग ने सभी संभगाीय अधिकारियों को पत्र लिख ऐसे शिक्षकों पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए थे। इधर प्रदेश में शिक्षकों के लगातार विरोध को लेकर बुधवार को विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरूण शमी ने मोर्चा संभाला। उन्होंने प्रमुख शिक्षक संघों के पदाधिकारियों के साथ शाम के वक्त मंत्रालय में मीटिंग की, जहां पर सभी पहलुओं पर विस्तार के साथ चर्चा हुई।

परीक्षा में गड़बड़ी का लगाया आरोप

मीटिंग के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरूण शमी ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति पा चुके शिक्षकों की उत्तर पुस्तिकाएं स्क्रीन पर दिखाईं। शिक्षक नेताओं को गणित-हिंदी और विज्ञान विषय की कापियों का विस्तृत अवलोकन कराया गया। इसमें स्पष्ट झलका कि शिक्षक प्रश्र हल ही नहीं कर पाये। तब शिक्षक संघ नेताओं ने भी अपने तर्क रखे कि कई जगहों पर गलत परीक्षा कराई गई। समाज शास्त्र के टीचर से गणित की परीक्षा ले ली गई। कई टीचर मेडीकल अवकाश पर थे, फिर भी उन्हें परीक्षा में उपस्थित दर्शा दिया गया है।

अफसरों पर हो सकती है कार्रवाई

प्रदेश में मुख्य की बजाय दूसरे विषय की परीक्षा लेने वाले अफसरों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही होगी। स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरूण शमी ने कहा कि जिन अधिकारियों ने गलत परीक्षा ली और त्रुटिपूर्ण रिपोर्ट विभाग को दी है। वह बख्से नहीं जाएंगे। इसकी शीघ्र ही जिलों से रिपोर्ट मांगी जा रही है। इस दौरान पीएस ने शिक्षक नेताओं को आश्वस्त किया कि जिन शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है। उनके मामले में विभाग पुर्नविचार करेगा। ऐसे शिक्षकों के 15 दिवस में अभ्यावेतन आमंत्रित करवाकर पुन: परीक्षा कराई जाएगी।