राज्यपाल ने स्पीकर को लिखा पत्र- आपके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लंबित, वैधानिक नियमानुसार करें कार्य

भोपाल। मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार के अल्पमत में आने के बाद सीएम द्वारा इस्तीफा दे दिया गया है और अब वे कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। इसके बाद अब विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। राज्यपाल लालजी टंडन ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा है कि जब तक उनके खिलाफ पेश अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में फैसला नहीं लिया जाता, तब तक वे संविधान, विधानसभा नियमावली एवं नैतिकता के आधार पर प्रत्येक विषय की वैधानिक स्थिति का परीक्षण कर काम करें।

बता दें कि परंपरानुसार सत्ता से हट जाने के बाद उस पार्टी द्वारा चुने गए स्पीकर तथा उपाध्यक्ष को त्यागपत्र दे देना चाहिए। दरअसल बीजेपी विधायक शरद कोल के इस्तीफे को लेकर विवाद चल रहा है। विधानसभा अध्यक्ष ने बीस मार्च को बताया था कि उन्होने शरद कोल का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है लेकिन बीजेपी ने उनपर दबाव डालने का आरोप लगाते हुए राज्यपाल से इस मामले की शिकायत की थी। अब राज्यपाल ने उन्हें बीजेपी द्वारा प्राप्त पत्रों का हवाला देते हुए कहा है कि विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ विधानसभा सचिवालय में अविश्वास प्रस्ताव लंबित है और प्रस्ताव पर कार्यवाही विधायिका का कार्य है, इसलिए सदन की बैठक आहूत होने पर इस प्रस्ताव पर प्राथमिकता से आवश्यक कार्यवाही होनी चाहिए। तब तक विधानसभा के प्रमुख सचिव, अध्यक्ष के निर्देशानुसार प्रतिदिन के सामान्य काम को पूर्वानुसार करेंगे।