अतिथि शिक्षकों को सरकार से झटका, अभी करना होगा नियमित होने के लिए इंतज़ार

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भोपाल। कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में स्कूल शिक्षा विभाग के अतिथि शिक्षकों के नियमितिकरण के संबंध में विचार करने का आश्वासन दिया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद वह इस मुद्दे को भूल गई है। ये आरोप शुक्रवार को भाजपा विधायक जालम सिंह पटेल ने लगाए हैं। प्रश्नोत्तर काल में विषय से सम्बंधित प्रश्न करते हुए उन्होंने पूछा था कि, शासन के वचन पत्र में अतिथि विद्वानों अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण की नीति कब तक लागू की जाएगी।

शिक्षामंत्री ने कहा विचार करेंगे

पटेल के सवालों का जवाब देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री प्रभुराम चौधरी ने कहा कि हमने कहा था कि विचार करेंगे। अतिथि शिक्षकों के लिए सरकार ने सामान्य प्रशासन विभाग की समिति बनाई है। उसके बाद ही विचार करेंगे। यहां उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि इस विषय पर अभी समय सीमा बताया जाना उचित नही है। वहीं विधायक का कहना था कि कांग्रेस के वचन पत्र में 246 वचन है, इसमें महाविद्यालय शिक्षक एवं कर्मचरियों की वेतन वृद्धि का आश्वासन दिया है, लेकिन अब परीक्षण का हवाला दे रहे है। यह जनता के साथ भी धोखा है। इसलिए इसे वचन नही दुर्वचन माना जाना चाहिए।

मंत्री के रुख पर अपनी आपत्ति जताते हुए उन्होंने इस दौरान आसंदी से भी हस्तक्षेप करने की मांग की, लेकिन अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने यह कहकर मदद से इनकार कर दिया किए हम मंत्री को बाध्य नही कर सकते हैं। इस पर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव यह कहने से नही चूके कि, इन्होंने वोटो की ठगी की है, समय सीमा बता नही रहे है, इसलिए सरकार के तौर पर सदन में बैठने की इनकीं भी समय-सीमा भी तय नही है।