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भोपाल। शहर में सुबह से तेज धूप के साथ झुलसाने वाली गर्मी ने लोगों को परेशान किया और तापमान सामान्य से अधिक रहे। बीते चार दिनों से दिन का तापमान 40 डिग्री के पार है जिससे रात का पारा भी बढ़ गया है। शुक्रवार को दिन का तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 42. 3 डिग्री रहा। रात का सामान्य से 1.5 डिग्री अधिक 25.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह 8:30 बजे से ही अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया जो शाम को भी 40 पार ही रहा।

शहर में अपेक्षाकृत कम है गर्मी

सूर्य की किरणें सीधी पडऩे के कारण विदर्भा, मध्यप्रदेश, मराठवाड़ा और गुजरात में इस समय सबसे ज्यादा गर्मी पड़ रही है। प्रदेश के अन्य शहरों की अपेक्षा भोपाल में गर्मी कम पड़ रही है इसकी वजह है हवाओं का दिशा बदलना और बादलों की हल्की आवाजाही। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एसके शुक्ला ने बताया कि जब हवा की दिशा पश्चिमी रहती है तब तापमान बढ़ता है जबकि उत्तर से आने वाली हवाएं उतनी गर्म नहीं होती जिससे तापमान कम हो जाता है। राजधानी में हवाओं की दिशा बदलने के कारण ही गर्मी के मिजाज उतने तलख नहीं हैं। पश्चिमी राजस्थान और उससे लगे हिस्सों में एक सिस्टम बना है लेकिन उसका असर ज्यादा ना होने से बादलों की हल्की आवाजाही है।

फिलहाल शहर में लू की स्थिती नहीं

शुक्रवार को भोपाल का तापमान 42.3 डिग्री से. रहा जाकि सामान्य से 1.9 डिग्री अधिक है। मालूम हो कि लू की स्थिती तब बनती है जब पारा 40 डिग्री पार हो और सामान्य से 4.5 डिग्री अधिक हो। इसकी साफ मतलब यह है कि जब तापमान 44 डिग्री तक पहुंचेगा तभी शहर में लू चलने की स्थिती बनेगी। फिलहाल तामपान 42- 43 के आसपास ही रहने की संभावना है।

सिस्टम ना होने के कारण बढ़ रही है गर्मी

मौसम वैज्ञानिक एसके नायक के अनुसार तापमान बढऩे से मध्यप्रदेश में लू की स्थिति सघन हो रही है। वर्तमान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की अनुपस्थिति और उत्तर भारत में कहीं और बड़ी मौसम प्रणाली नहीं होने के कारण बनी यह स्थिति ग्रीष्मकाल के लिए अनुकूल है। पूर्वी इक्वेटोरियल हिंद महासागर और उससे सटे दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी में अवसाद उत्तर पश्चिमी की तरफ चला गया है जिससे मौसमिक गतिविधियां दक्षिण भारत में सिमट गई है। जिससे पूर्वी एवं उत्तरी भारत में मौसमिक गतिविधियां दब गई हैं साथ ही औसत समुद्र तल से 0.6 किलोमीटर तक गुजरात तट एवं निकटवर्ती अरब सागर में चक्रवात बना हुआ है। मध्य भारत में भी औसत समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर और उससे ऊपर 5.8 किमी तक मध्य भारत में विपरीत हवा का चक्रवात बना हुआ है जिसके कारण देशभर में लगातार गर्मी हो रही है। दक्षिण पश्चिम एवं पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश एवं विदर्भ में भीषण गर्मी के कारण तापमान 47 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। यह स्थिति अगले 2-3 दिनों तक बनी रहने रहेगी।

– यह सावधानियां रखें

. सूर्य की किरणों के सीधे संपर्क में आने से बचें।

. हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।

. अपने सिर को कपड़े से ढककर रखें।

. पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें।

मौसम केंद्र के अनुसार शनिवार को मौसम में ज्यादा परिवर्तन नहीं होगा। मौसम शुष्क रहेगा। आंशिक रूप से बादलों की आवाजाही देखी जा सकती है। अगले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। हवा की गति 18 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी।