Human-Museum-of-Bhopal

भोपाल| राजधानी भोपाल में शुक्रवार को  इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय ने अपना 43वां स्थापना दिवस मनाया।  इस तीन दिवसीय स्थापना दिवस की शुरूआत एक हजार बाती वाले केरल के दीपक आलविलक्कु के प्रज्ज्वलन से हुई। 18 फीट ऊंचे इस दीपक को जलाने के लिए 18 लीटर तेल लगता है।

 

आलविलक्कु के बारे में 

-केरल की इस परंपरा के अनुसार, इस दीपक को पूरे रीति-रिवाजों के साथ प्रज्ज्वलित किया किया गया।

-इसके लिए मलयाली समाज के लोग अपने पारंपरिक परिधानों में पहुंचे हुए थे।

-दीपक के आसपास गुलाब, गेंदे और नीम की पत्तियों से बनाई आकर्षक रंगोली वातावरण में अपनी भीनी महक घोल रही थी।

– विघ्नेश्वर गणपति की लंबी पूजा अर्चना के बाद लगभग 7 बजे अलविलक्कु को प्रज्ज्वलित करना शुरू किया गया।

-15 मिनट में ही एक हजार आठ सौ किलो वजनी और 18 फीट ऊंचा यह दीपक पूरी तरह से जगमगाने लगा।

-बरगद के पेड़ की तरह निर्मित इस दीपक की उँचाई 15 फुट

– मलयालम भाषा में बरगद के पेड़ को आल तथा दीपक को विलक्कु कहा जाता है।

– सबसे नीचे वाले वृत्त का व्यास 7.4 फुट है जबकि सबसे उपर वाले वृत्त का व्यास 4.5 फुट है।