पहली बार होगा 4 दिन का इज्तिमा, 14 भाषाओं में स्वागत, 8 में होगा अनुवाद

भोपाल। बहत्तर साल के इज्तिमा इतिहास में पहली बार चार दिन के लिए हो रहे इस आलमी मजहबी समागम में कई नई बातें सामने आएंगी। कई नए देशों की जमातों के यहां आने से लेकर इनके स्वागत के लिए लगाए जाने वाले हॉर्डिंग्स में कुछ नयापन होगा तो इन्हें अपनी जुबान में बयान-ओ-तकरीर सुनने और समझने के लिए अनुवादकों की बड़ी टीम भी मौजूद रहेगी। सुरक्षा के लिहाज से यहां सीसीटीवी कैमरों की निगरानी होगी तो सुविधा के लिहाज से यहां बसों और ट्रेनों में खास सहूलियतें जमातियों के लिए जुटाई जा रही हैं। प्लास्टिक, पॉलिथिन और नो वेस्ट जोन के रूप में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर यह आलमी तब्लीगी इज्तिमा वल्र्ड बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड में भी अपना नाम दर्ज कराने वाला है। 

72वें आलमी तब्लीगी इज्तिमा के लिए ईंटखेड़ी घासीपुरा पर इज्तिमागाह तैयार हो चुका है। जमातियों के बैठने, उनके खानपान, वुजु और बाकी जरूरतें पूरी करने के लिए इंतजाम हो चुके हैं। बड़ी तादाद में यहां आने वाले छोटे-बड़े वाहनों के रखने के लिए पार्किंग के इंतजाम यहां किए जा चुके हैं। पहली बार चार दिन के लिए आयोजित होने वाले इज्तिमा का आगाज शुक्रवार सुबह फजिर की नमाज के बाद मुकामी उलेमाओं के बयान के साथ हो जाएगा। इसके बाद बाहर से आने वाले मेहमानों के बयान का दौर जुमा की नमाज के बाद शुरू होगा। जो सोमवार सुबह होने वाली दुआ-ए-खास तक जारी रहेगा।

पहली बार चार दिन

72 साल से आयोजित किए जा रहे इज्तिमा में अब तक तीन दिन का आयोजन होता आया है। पिछले वर्ष इस कार्यक्रम को एक दिन बढ़ाकर चार करने की योजना बनाई गई थी और इसका ऐलान किया गया था। लेकिन चुनावी माहौल चलने के कारण ऐन वक्त पर इसका एक दिन कम कर इसे पूर्ववत तीन दिन का कर दिया गया था। इस साल पहली बार यह भी हुआ कि हर साल होने सुबह के वक्त होने वाली दुआ-ए-खास तीसरे दिन की शाम को ही की गई थी। इस साल यह आयोजन शुक्रवार सुबह से शुरू होकर चार दिन तक चलेगा और सोमवार को सुबह दुआ के साथ खत्म होगा।

पहली बार वियतनाम की जमात

आलगी तब्लीगी इज्तिमा में शामिल होने वाली करीब 25 मुल्कों की जमातों में पहली बार वियतनाम की जमात भी शामिल होगी। इसके अलावा यहां तिरकिस्तान, रूस, कंबोडिया, सुमालिया, साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, मिस्र, चीन, थाईलैंड, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, मलेशिया, श्रीलंका, नेपाल, घाना, ईरान आदि की जमातें शामिल होंगी

ताकि समझना हो आसान

विदेशों से आने वाली जमातों को उनकी भाषा में बयान-ओ-तकरीर समझाने के लिए करीब आठ भाषाओं के दुभाषिये इज्तिमा में मौजूद रहेंगे। इसके अलावा क्षेत्रीय भाषाओं के लोगों को भी उनकी भाषा में बयान का सार समझाने के लिए ट्रांसलेटर साथ आएंगे।

कई भाषाओं में होगा स्वागत

देश-विदेशों से आने वाली सैकड़ों जमातों का इस्तकबाल करने के लिए रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, एयरपोर्ट आदि स्थानों पर नगर निगम ने स्वागत हॉर्डिंंग्स लगाए हैं। यह पहली बार हुआ है कि यहां लगने वाले हॉर्डिंग्स विभिन्न 14 भाषाओं में हैं। इनमें जापानी, बांगला, अरबी के अलावा हिंदी, अंग्रेजी आदि के हॉर्डिंग्स शामिल हैं। 

पहली बार सीसीटीवी निगरानी

इज्तिमागाह, इसके आसपास, आने-जाने वाले सभी रास्तों पर सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरों की निगरानी रहेगी। इसके अलावा विभिन्न स्थानों से आने-जाने वाले सभी लोगों पर निगरानी रखने के लिए करीब 10 वॉच टॉवर भी बनाए जा रहे हैं। 

जीरो वेस्ट देगा रिकार्ड में स्थान

आलमी तब्लीगी इज्तिमा के दौरान इज्तिमागाह पर प्लास्टिक और पॉलिथिन इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया जाता है। इसके साथ ही यहां तंबाकू, गुटका, पाऊच, सिगरेट, बीड़ी आदि के प्रयोग पर भी पाबंदी होती है। इस साल क्लीन और ग्रीन इज्तिमा के नारे के साथ इज्तिमागाह को जीरो वेस्ट जोन बनाए जाने की तैयारी की गई है। इसके लिए बड़ी तादाद में सरकारी और गैर सरकारी वालेंटियर्स तैनात किए जा रहे हैं। इस नवाचार को लेकर इस इज्तिमा को गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड में दर्ज कराए जाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

कहीं आग लग जाए तो…

इज्तिमागाह पर आग से बचाव के लिए भी खास इंतजाम किए जा रहे हैं। खानपान के जोन और बयान के पांडाल के आसपास कई फायर ब्रिगेड तैनात किए गए हैं। साथ ही नगर निगम और निजी वालेंटियर्स की खास टीम भी आपातकाल में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए खासतौर से प्रशिक्षित की गई है।

पहले दिन होंगे सैकड़ों निकाह

इज्तिमा के पहले दिन शुक्रवार की शाम को इज्तिमागाह में बड़ी तादाद में निकाह होंगे। भोपाल, रायसेन, सीहोर जिलों की कजियात के अलावा विभिन्न शहरों से लोगों ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराए हैं। शुक्रवार शाम को असिर की नमाज के बाद दिल्ली से आए उलेमा इन निकाहों की तकमील करेंगे और खुतबा तथा दुआ करवाकर नए जोड़ों की कामयाब जिंदगी की दुआ करावाएंगे।

चार दिन के लिए फ्री रहेगा टोल टैक्स

गुरूवार को इज्तिमागाह पर तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे जिले के प्रभारी और राजस्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने ऐलान किया है कि इज्तिमा के लिए आने वाली जमातों की बसों को टोल टैक्स से निजात दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इंदौर, सागर, होशंगाबाद, विदिशा, राजगढ़ मार्गों से आने वाली सभी बसों और छोटे वाहनों को इज्तिमा के दिनों में टोलटैक्स अदा करने से छूट मिलेगी।

शिफ्ट हो सकता है अगले साल इज्तिमा

लगातार बढ़ रही जमातियों की तादाद को देखते हुए इज्तिमागाह की स्थायी जगह के लिए लंबे समय से चल रहे प्रयासों को गुरूवार को नई कवायद मिली है। बताया जा रहा है कि अगले साल इज्तिमा को अचारपुरा शिफ्ट कर यहां इसके लिए स्थायी व्यवस्था की जा सकती है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आरिफ अकील के सुझाव पर राजस्व मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह ने दी सहमति दे दी है। डॉ. सिंह ने कहा है कि सरकार स्थायी इज्तिमागाह बनाने के लिए 150 एकड़ जमीन दे सकती है। बाकी 150 एकड़ भूमि की व्यवस्था इज्तिमा कमेटी ने की है। इस जमीन के स्वामियों को मुआवजा देकर इस जमीन का अधिग्रहण लिया जाएगा। मंत्री अकील के इस प्रस्ताव और मंत्री डॉ. सिंह के फैसले से विधायक आरिफ  मसूद ने भी सहमति जताई है। इसके बाद अधिकारियों ने प्रस्तावित इज्तिमा स्थल का निरीक्षण भी किया। वे जल्दी ही इसकी रिपोर्ट संभाग आयुक्त को सौंपेंगे।

एक टच पर मिलेगी इज्तिमा जानकारी

नगर निगम ने भोपाल इज्तिमा को लेकर एक विशेष एप तैयार किया है। इसके इस्तेमाल के जरिये इज्तिमा से संबंधित सभी जानकारियां आसानी से हासिल हो जाएंगी। पार्किंग, फूड जोन, वुजुखाना, शौचालय सहित पांडाल से मुख्य मार्ग की दूरी और इज्तिागाह पर मौजूद व्यवस्थाओं की जानकारी भी इस एप से मिल जाएगी। 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here