भोपाल| शहरों के कोने-कोने में नियम-कायदों को ताक पर रखकर टंगे होर्डिंग, बैनर पोस्टरों को लेकर सरकार सख्त हो गई है|  अवैध होर्डिंग को हटाने की कार्रवाई पूरे प्रदेश में की जाएगी। मुख्य सचिव (सीएस) एसआर मोहंती ने इस संबंध में शुक्रवार को वीडियो कॉन्फें्रसिंग (वीसी) सभी संभागायुक्तों व कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं। वहीं लापरवाही बरतने पर अधिकारी जिम्मेदार होंगे। सीएस ने अधिकारियों को सात दिनों के अंदर कार्रवाई कर रिपोर्ट भी देने के निर्देश दिए हैं| 

प्रदेश भर में अवैध होर्डिंग्स की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है, हर जगह अवैध होर्डिंग, कटआउट, गेंट्री, बैनर-पोस्टर का जाल बिछा हुआ है, जो शहरों की सुंदरता पर दाग लगा रहा है| बल्कि कई जगह ट्रैफिक में बाधा भी बनते हैं| प्रदेश में आउटडोर विज्ञापन मीडिया नियम-2017 व संपत्ति विरूपण अधिनियम-1994 लागू हैं। वीसी के दौरान नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे ने कहा कि राजनीतिक, सामाजिक , धार्मिक श्रेणी के होर्डिंग व विज्ञापन के लिए कलेक्टर से अनुमति लेनी होगी। इस कार्रवाई की मॉनीटरिंग भी की जाएगी।   

शासन के संज्ञान में आया था कि इस तरह के विज्ञापन नियमों का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से लगाए जा रहे हैं, जो ट्रैफिक में बाधा के साथ शहर के सौंदर्य को प्रभावित कर रहे हैं। इसे देखते हुए संभागायुक्तों, कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों को सामान्य प्रशासन की ओर से दिशा निर्देश जारी करने का प्रस्ताव कैबिनेट में लाया गया था, जिसे स्वीकृति मिली है। इसमें कलेक्टर से आउटडोर विज्ञापन के लिए अनुमति लेना होगी। उन्हें जुर्माना करने के अधिकार दिए गए हैं। कोई भी विज्ञापन बिना अनुमति के नहीं लग सकेंगे। यदि ऐसा कोई विज्ञापन लगता है तो संबंधित नगरीय निकाय के अधिकारी-कर्मचारी उसे हटाएंगे। इसमें लापरवाही बरतने पर उनके खिलाफ कार्यवाही होगी।