अनपढ़ों ने बनाया गिरोह और फिर 500 से ज्यादा को ठगा, मोटरसाइकिल से अलग-अलग राज्यों में करते थे वारदात

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। अनपढ़ों ने मिलकर गिरोह बनाया और फिर ठगी की ऐसी वारदातों को अंजाम दिया कि इनके कारनामें सुनने वाले हैरान रह गए। भोपाल साइबर क्राइम पुलिस के हत्थे ऐसे युवकों का गिरोह चढ़ा है जो एटीएम बूथ से पैसा निकालने आए ग्राहकों की मदद करने के बहाने कार्ड बदलकर ठगी करते थे। पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी अनपढ़ है और दूसरा सिर्फ चौथी क्लास तक पढ़ा है। वहीं तीसरा आरोपी 5वीं पास है। पुलिस का दावा है कि आरोपी 3 साल में 500 लोगों के एटीएम कार्ड बदलकर ठगी कर चुके हैं। तीनो आरोपी जेबकतरों से चुराए हुए एटीएम खरीदते थे जिसके बाद अपनी मोटरसाइकिल से यह वारदात को अंजाम देने निकलते थे।

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इनके पास से जेबकतरों से खरीदे गए अलग-अलग बैंकों के 61 एटीएम कार्ड मिले हैं। आरोपी मध्यप्रदेश समेत हरियाणा, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात में वारदात कर चुके हैं। वह राजस्थान से बाइक से निकलते हैं। इसके बाद रास्ते में पड़ने वाले हर शहर में वारदात करते हैं। गिरोह के निशाने में वृद्ध, महिलाएं रहती थीं। इन आरोपियों को इससे पहले ग्वालियर और आगरा में गिरफ्तार किया जा चुका है। लेकिन उसके बावजूद यह जेल से छूटने के बाद फिर से इसी तरह की वारदात को अंजाम देते थे।

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सायबर पुलिस के शिंकजे में फंसे आरोपियों ने दरअसल भोपाल के एक युवक को भी इसी तरह अपना शिकार बनाया। गुडशेफर्ड कॉलोनी कोलार रोड के रहने वाले अनिल नागले ने पुलिस में शिकायत की थी। कि 7 सितंबर 2021 को एटीएम बूथ पर उनका दो लड़कों ने कार्ड बदलकर डेढ़ लाख रुपए खाते से निकाल लिए हैं। पुलिस ने तकनीकी जांच के बाद गिरोह की पहचान कर उन्हें राजस्थान के धौलपुर से गिरफ्तार कर लिया।

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मुख्य आरोपी ताहिर राजस्थान के जेबकतरों से एटीएम कार्ड खरीदते हैं। उनके पास सभी बैंकों के कार्ड होते हैं। इसके बाद बाइक से अलग-अलग राज्यों में जाते हैं। रास्ते में पड़ने वाले सभी शहरों के एटीएम को चेक करते हैं। जो एटीएम बंद मिलता है। बाहर खड़े होकर पैसा निकालने आने वाले ग्राहक का इंतजार करते हैं। सीनियर सिटीजन या महिला पैसा निकालने आती है। जब पैसा नहीं निकलता, तो आरोपी मदद के बहाने एटीएम बूथ के अंदर जाते हैं। वह ग्राहक को भ्रमित कर दोबारा ट्रांजेक्शन करने के लिए कहते हैं। इसी दौरान आरोपी पासवर्ड देखने के साथ ग्राहक का कार्ड बदलकर उसे अपने पास रखा कार्ड दे देते हैं। वारदात के दौरान बूथ के अंदर दो आरोपी होते हैं। तीसरा आरोपी बाहर रैकी करता है। पैसा नहीं निकलने पर ग्राहक बदले हुए कार्ड को लेकर चला जाता है। इसी बीच आरोपी भी मौके से अपने मोटरसाइकिल लेकर फरार हो जाते हैं। बाद में ग्राहक के एटीएम कार्ड से पैसा निकाल लेते हैं यानी खरीदारी कर लेते हैं।